Bihar: भारत और नेपाल की सीमा को सुरक्षित बनाने के लिए बिहार सरकार ने कमर कस ली है। सीमा पार से होने वाली तस्करी और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए एक विशेष संयुक्त टीम बनाई गई है। इस टीम ने पिछले चार महीनों में बड़ी कामय
Bihar: भारत और नेपाल की सीमा को सुरक्षित बनाने के लिए बिहार सरकार ने कमर कस ली है। सीमा पार से होने वाली तस्करी और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए एक विशेष संयुक्त टीम बनाई गई है। इस टीम ने पिछले चार महीनों में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 146 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
संयुक्त टीम में कौन-कौन शामिल है और क्या है कार्रवाई
इस स्पेशल टीम में बिहार पुलिस के विशेष कार्य बल (STF), सशस्त्र सीमा बल (SSB) और स्थानीय पुलिस के जवान शामिल हैं। फिलहाल सीमावर्ती 13 अनुमंडलों और 69 थानों में ऐसी 4 इकाइयां तैनात हैं, जिनमें कुल 40 कर्मी काम कर रहे हैं। जनवरी से 22 अप्रैल 2026 के बीच टीम ने 128 मामले दर्ज किए और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए।
| जब्त सामान |
मात्रा/विवरण |
| गांजा |
करीब 1590 किलोग्राम (कुल) |
| डोडा |
95 किलोग्राम |
| नकद |
2 लाख रुपये |
| अन्य |
अफीम और कफ सिरप |
किन इलाकों पर है ज्यादा नजर और क्या हैं नए नियम
तस्करी के लिहाज से सीतामढ़ी, बेतिया, मधुबनी, बगहा, सुपौल और अररिया जिलों को संवेदनशील माना गया है। सुरक्षा बढ़ाने के लिए अब ‘नो मैन्स लैंड’ की ड्रोन मैपिंग शुरू की गई है ताकि अतिक्रमण हटाया जा सके। साथ ही, सीमा पार पैसों के लेन-देन को सही करने के लिए सरकारी मनी एक्सचेंज केंद्र खोले गए हैं।
अधिकारियों ने सुरक्षा की समीक्षा की और क्या निर्देश दिए
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी विनय कुमार ने जय नगर और रक्सौल सीमा का दौरा किया। उन्होंने जाली नोटों, साइबर धोखाधड़ी और फर्जी कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। पूर्वी चंपारण के भलुवाहा इलाके में गायब हुए सीमा पिलरों को दोबारा लगाने और उनकी मरम्मत के लिए भी संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नेपाल सीमा पर सुरक्षा के लिए कौन सी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं?
इस कार्य के लिए बिहार पुलिस की STF, सशस्त्र सीमा बल (SSB) और स्थानीय पुलिस की एक संयुक्त टीम बनाई गई है।
सीमा सुरक्षा के लिए ड्रोन का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है?
ड्रोन के जरिए ‘नो मैन्स लैंड’ की मैपिंग की जा रही है ताकि संवेदनशील जगहों की पहचान हो सके और 15 किलोमीटर के दायरे से अतिक्रमण हटाया जा सके।