Bihar: राज्य में नवजात शिशुओं की जान बचाने के लिए चलाई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का असर दिखने लगा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बिहार ने शिशु मृत्यु दर को कम करने में राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है। स्वास्थ्य विभाग
Bihar: राज्य में नवजात शिशुओं की जान बचाने के लिए चलाई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का असर दिखने लगा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बिहार ने शिशु मृत्यु दर को कम करने में राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना है, जिससे अब आम परिवारों को अपने बच्चों के लिए बेहतर इलाज मिल रहा है।
शिशु मृत्यु दर के ताजा आंकड़े क्या कहते हैं?
सैंपल रजिस्ट्रेशन सर्वे के मुताबिक, बिहार में अब प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर नवजात मृत्यु दर 18 दर्ज की गई है। यह आंकड़ा भारत के राष्ट्रीय औसत 19 से कम है। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि सरकार हर नवजात को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए SNCU और NICU जैसी इकाइयों को और मजबूत किया जा रहा है।
इलाज के लिए क्या सुविधाएं उपलब्ध हैं?
राज्य के 35 जिला अस्पतालों में SNCU और 10 मेडिकल कॉलेजों में NICU चलाया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इन इकाइयों में 45,147 बच्चों का सफल इलाज हुआ। हर साल औसतन 55 से 57 हजार नवजातों का यहां इलाज होता है। सभी जिला अस्पतालों के लेबर रूम में न्यू बॉर्न केयर कॉर्नर बनाए गए हैं, ताकि जन्म के तुरंत बाद बच्चे की जांच हो सके।
भविष्य की योजनाएं और नई तकनीक
स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर राज्य के 115 FRU में तीन बेड वाले NBSU स्थापित करने की तैयारी है। साथ ही, कम वजन वाले और समय से पहले जन्मे बच्चों के लिए ‘कंगारू मदर केयर’ (KMC) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार अब SNCU में बेड की संख्या बढ़ाने और डॉक्टरों व नर्सों की ट्रेनिंग पर खास ध्यान दे रही है ताकि इलाज की गुणवत्ता और बेहतर हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में वर्तमान नवजात मृत्यु दर कितनी है?
सैंपल रजिस्ट्रेशन सर्वे के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बिहार में नवजात मृत्यु दर प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर 18 है, जो कि राष्ट्रीय औसत (19) से कम है।
नवजात शिशुओं के इलाज के लिए बिहार सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने 35 जिला अस्पतालों में SNCU और 10 मेडिकल कॉलेजों में NICU शुरू किए हैं। साथ ही 115 FRU में NBSU स्थापित करने की योजना बनाई गई है और कंगारू मदर केयर जैसी तकनीक अपनाई जा रही है।