Bihar में NEET Re-Exam के दौरान सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड समेत 30 लोग गिरफ्तार
Bihar: बिहार में NEET Re-Exam के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली का मामला सामने आया है। पुलिस ने एक सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ करते हुए करीब 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस गैंग के जरिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन में गड़बड़ी कर डम
Bihar: बिहार में NEET Re-Exam के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली का मामला सामने आया है। पुलिस ने एक सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ करते हुए करीब 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस गैंग के जरिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन में गड़बड़ी कर डमी कैंडिडेट से परीक्षा दिलवाई जा रही थी।
लॉ एंड ऑर्डर ADG सुधांशु कुमार ने बताया कि लखीसराय जिले के तीन परीक्षा केंद्रों से 9 डमी कैंडिडेट को पकड़ा गया। इसके साथ ही असली उम्मीदवार संजीत कुमार और इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड अर्पित राज को भी गिरफ्तार किया गया है। अर्पित राज गया मेडिकल कॉलेज का छात्र है और वह पहले भी 2024 के पेपर लीक मामले में CBI की पूछताछ का सामना कर चुका है। पुलिस ने बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन से जुड़े 18 स्टाफ सदस्यों को भी हिरासत में लिया है, जिन्होंने इस धोखाधड़ी में मदद की।
लखीसराय एसपी प्रेरणा के मुताबिक, छापेमारी के दौरान आरोपियों से मोबाइल फोन और जरूरी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। एसडीपी शिवम कुमार ने खुलासा किया कि इस गैंग के जरिए एक उम्मीदवार से 10 लाख से 12 लाख रुपये तक की डील की गई थी, जिसमें 1 से 2 लाख रुपये एडवांस लिए गए थे। इस पूरे नेटवर्क में पटना मेडिकल कॉलेज के चौथे साल के छात्र मयंक कश्यप ने बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारी बनकर धोखाधड़ी की।
पुलिस अब गिरफ्तार किए गए 21 संदिग्धों से पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके। जांच में सामने आया है कि इस गैंग में PMCH, AIIMS रायबरेली और BHU जैसे बड़े संस्थानों के मेडिकल छात्र और इंटर्न शामिल थे। यह पूरा मामला लखीसराय के केंद्रीय विद्यालय, KRK हाई स्कूल और हसनपुर स्कूल जैसे केंद्रों पर हुआ। पुलिस अब अलग-अलग जिलों और राज्यों में छापेमारी कर रही है।