Bihar NEET आंदोलन में हिंसा के आंकड़े जारी, 355 लोग जेल भेजे गए, 91 पुलिसकर्मी घायल
Bihar: राज्य में NEET पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में भारी हिंसा हुई थी। बिहार पुलिस मुख्यालय ने 27 जुलाई 2026 को इस मामले के आधिकारिक आंकड़े जारी किए हैं। पुलिस के मुताबिक आंदोलन के दौरान राज्य भर में कुल 694 लोगों
Bihar: राज्य में NEET पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में भारी हिंसा हुई थी। बिहार पुलिस मुख्यालय ने 27 जुलाई 2026 को इस मामले के आधिकारिक आंकड़े जारी किए हैं। पुलिस के मुताबिक आंदोलन के दौरान राज्य भर में कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें से 339 नाबालिगों और छात्रों को छोड़ दिया गया है, जबकि 355 लोगों को अदालत में पेश किया गया है।
हिंसा के दौरान पुलिस बल को काफी नुकसान पहुंचा है। आंकड़ों के अनुसार कुल 91 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें सीवान और सीतामढ़ी के SP और दो SDPO शामिल हैं। गांधी मैदान थाना प्रभारी की हालत गंभीर बताई गई है। इस टकराव में 13 आम नागरिक भी घायल हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने 14 सरकारी गाड़ियों को तोड़ दिया और एक वाहन को आग लगा दी।
सीवान में AK-47 से फायरिंग के मामले पर पुलिस ने सफाई दी है। पुलिस का कहना है कि 25 जुलाई को जेपी चौक पर सिपाही अभिषेक कुमार ने भीड़ से घिर जाने पर सुरक्षा के लिए हवा में चार राउंड फायरिंग की थी। हालांकि, इस मामले में तीन युवक घायल हुए हैं, जिनके बयान पर केस दर्ज किया गया है। सिपाही अभिषेक कुमार को निलंबित कर दिया गया है और विभागीय जांच शुरू हो गई है।
दूसरी ओर, बिहार सरकार ने आंदोलनकारियों के प्रति नरम रुख अपनाते हुए दर्ज FIR और नोटिस वापस लेने का आदेश दिया है। गृह विभाग ने गिरफ्तार लोगों को रिहा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार ने साफ किया है कि 26 जुलाई की शाम 6 बजे तक इस आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई नई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
पेपर लीक की समस्या को रोकने के लिए सरकार अब इसे संगठित अपराध की श्रेणी में डालने जा रही है, ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो सके। बता दें कि 25 जुलाई के ‘बिहार बंद’ के दौरान पटना, छपरा, सीवान, भागलपुर, औरंगाबाद, सीतामढ़ी, बेतिया और लखीसराय जैसे आठ जिलों में हिंसा हुई थी। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 24 जुलाई से सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
इस पूरे मामले पर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने सरकार की आलोचना की है। वहीं, छात्र नेता दिलीप ने अगस्त में BSSC परीक्षा की तारीख और संविदा वेटेज हटाने की मांग को लेकर एक और बड़े आंदोलन का ऐलान किया है।