Bihar में NEET पेपर लीक के विरोध में बवाल, 93 छात्र गिरफ्तार और कई FIR दर्ज
Bihar: राज्य में NEET पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। 25 जुलाई 2026 को ‘बिहार बंद’ के दौरान पूरे प्रदेश में जमकर प्रदर्शन हुए, जिसके बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हु
Bihar: राज्य में NEET पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। 25 जुलाई 2026 को ‘बिहार बंद’ के दौरान पूरे प्रदेश में जमकर प्रदर्शन हुए, जिसके बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 93 छात्रों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान कई जिलों में हिंसा और पथराव की खबरें भी सामने आईं।
पुलिस प्रशासन ने इस पूरे मामले में अब तक 27 FIR दर्ज की हैं और लगभग 2000 अज्ञात छात्रों को आरोपी बनाया है। पटना में सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई है, जहां 21 FIR के तहत 57 लोगों को पकड़ा गया है। वहीं दरभंगा से 32 और बेगूसराय से 5 गिरफ्तारियां हुई हैं। बेगूसराय में पुलिस ने 6 नामजद और 2500 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मुजफ्फरपुर में पुलिस ने 270 लोगों की तस्वीरें जारी की हैं और उनकी पहचान बताने वाले को 10,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। सीवान और सीतामरी में हुए पथराव में दो SP और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्यभर में 70,000 पुलिस और केंद्रीय बलों के जवानों को तैनात किया गया था। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और कुछ जगहों पर हवाई फायरिंग का भी सहारा लिया। पटना SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि CCTV और सोशल मीडिया के जरिए दंगाइयों की पहचान की जा रही है और बाहरी तत्वों के शामिल होने की आशंका है।
इस विरोध प्रदर्शन के बीच एक बड़ी खबर यह रही कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने 25 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद पटना में छात्रों ने जश्न मनाया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरोसा दिलाया है कि पेपर लीक करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि पेपर लीक के मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।
राजनीतिक गलियारों में भी इस हलचल का असर दिखा। जन शक्ति जनता दल (JJD) के नेता और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को 25 जुलाई को गिरफ्तार किया गया। वहीं दरभंगा नगर निगम की डिप्टी मेयर नाजिया हसन पर भी हिंसा में शामिल होने का आरोप है और उनके खिलाफ FIR दर्ज हुई है। RJD नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने माना कि कुछ राजनीतिक लोगों की वजह से स्थिति बिगड़ी होगी, लेकिन छात्रों की मुख्य समस्याओं पर ध्यान देना जरूरी है।