Bihar में NEET छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद चर्चा में धर्मेंद्र प्रधान, जानिए बिहार से क्या है उनका नाता

Bihar: पटना में NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। इस घटना के बाद से सोशल मीडिया और गलियारों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। लोग

Bihar: पटना में NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। इस घटना के बाद से सोशल मीडिया और गलियारों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। लोग अब यह जानने में दिलचस्पी ले रहे हैं कि धर्मेंद्र प्रधान का बिहार की राजनीति और यहां के लोगों से कैसा रिश्ता रहा है।

धर्मेंद्र प्रधान का बिहार से बहुत पुराना और गहरा नाता है। उन्हें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में बिहार के लिए एक संकटमोचक और कामयाब चुनाव प्रभारी माना जाता है। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी और पिछली जीत में उनकी रणनीतिक भूमिका अहम रही है। वे खासकर जातिगत समीकरणों को साधने और सामाजिक-आर्थिक मुद्दों को चुनावी रणनीति का हिस्सा बनाने में माहिर माने जाते हैं।

वर्तमान विवाद की बात करें तो 5 मई 2024 को हुई NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक के गंभीर आरोप लगे थे। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने जांच के बाद पाया कि संगठित गिरोह इसमें शामिल थे। इस मामले में अब तक करीब 18 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। जांच में सामने आया कि कुछ परीक्षार्थियों ने पेपर के लिए 30 से 50 लाख रुपये तक दिए थे। बिहार सरकार ने इस पूरे मामले की जांच CBI को सौंप दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने भी माना कि कम से कम 155 छात्रों को पेपर लीक का सीधा फायदा मिला था, लेकिन कोर्ट ने पूरी परीक्षा दोबारा कराने से इनकार कर दिया क्योंकि व्यापक अनियमितता के पुख्ता सबूत नहीं मिले। इसी बीच, 22 जुलाई 2026 को पटना में मुख्यमंत्री आवास के बाहर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया, जहां पुलिस ने लाठीचार्ज, पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस झड़प में कई छात्र, पत्रकार और आईजी जितेंद्र राणा भी घायल हुए।

दिलचस्प बात यह है कि धर्मेंद्र प्रधान खुद करीब 30 साल पहले यानी 1997 में एक छात्र नेता थे। उस समय उन्होंने भी पेपर लीक के खिलाफ मोर्चा संभाला था और लाठीचार्ज का सामना किया था। अब जब वे शिक्षा मंत्री हैं, तो वही स्थिति उनके सामने है। वहीं, प्रधान ने इन विरोध प्रदर्शनों को राजनीतिक रंग देने का आरोप राहुल गांधी और कांग्रेस पर लगाया है।