Bihar: नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड स्थित माधोपुर गांव और आसपास के इलाकों में जंगली हाथियों ने भारी तबाही मचाई है। हाथियों के हमलों से डरे और गुस्से में आए ग्रामीणों ने SH-103 हाईवे को जाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों
Bihar: नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड स्थित माधोपुर गांव और आसपास के इलाकों में जंगली हाथियों ने भारी तबाही मचाई है। हाथियों के हमलों से डरे और गुस्से में आए ग्रामीणों ने SH-103 हाईवे को जाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की लापरवाही की वजह से उन्हें जान-माल का भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
हाथियों के हमले में क्या नुकसान हुआ
माधोपुर और दुदमानिया बाघार इलाके में हाथियों ने कई घरों को तोड़ दिया है। राजेश राजवंशी और शिवबालक यादव के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। इस आतंक के दौरान कई दुखद घटनाएं भी हुईं। 8-9 अप्रैल को मुन्ना देवी नाम की महिला को हाथियों ने कुचलकर मार डाला था, जबकि 25 मार्च को रजौली के सूअरलेटी गांव में सनोज भुइयां की मौत हो गई थी। इसके अलावा कई पशुओं की भी जान गई है।
वन विभाग और प्रशासन ने क्या कदम उठाए
वन विभाग ने हाथियों की निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल शुरू किया है और पश्चिम बंगाल की बांकुड़ा टीम को मदद के लिए बुलाया गया है। विभाग ने पीड़ितों को नियमानुसार मुआवजा देने का भरोसा दिया है। साथ ही, हाथियों को वापस झारखंड के जंगलों में खदेड़ने के लिए कोडरमा के डीएफओ से संपर्क किया गया है। पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया और विधि-व्यवस्था को संभाला।
ताजा स्थिति और चेतावनी
25 अप्रैल तक की जानकारी के मुताबिक, जेठसारी और माधोपुर इलाके में हाथियों की आवाजाही बनी हुई है। वन विभाग का मानना है कि वर्तमान में एक हाथी इलाके में सक्रिय है जो कोडरमा से भटककर यहां आया है। विभाग ने माइकिंग के जरिए ग्रामीणों को सतर्क किया है और उन्हें अकेले जंगल की ओर न जाने की सलाह दी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नवादा में हाथियों के हमले से अब तक क्या नुकसान हुआ है?
हाथियों के हमले में मुन्ना देवी और सनोज भुइयां जैसे लोगों की जान गई है। इसके अलावा राजेश राजवंशी और शिवबालक यादव के घरों सहित कई मिट्टी के घर टूटे हैं और गेहूं की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।
वन विभाग हाथियों को रोकने के लिए क्या कर रहा है?
वन विभाग ड्रोन से निगरानी कर रहा है और पश्चिम बंगाल की बांकुड़ा टीम की मदद ले रहा है। साथ ही हाथियों को झारखंड के कोडरमा जंगलों की तरफ भेजने की कोशिश की जा रही है।