Bihar, Nawada : बिहार के नवादा जिले में जंगली हाथियों ने भारी तबाही मचाई है। पिछले दो महीनों के अंदर हाथियों के हमले में 6 लोगों की जान जा चुकी है। हाथियों ने न सिर्फ लोगों को कुचला है, बल्कि कई घरों, फसलों और मवेशियों क
Bihar, Nawada : बिहार के नवादा जिले में जंगली हाथियों ने भारी तबाही मचाई है। पिछले दो महीनों के अंदर हाथियों के हमले में 6 लोगों की जान जा चुकी है। हाथियों ने न सिर्फ लोगों को कुचला है, बल्कि कई घरों, फसलों और मवेशियों को भी बर्बाद कर दिया है। इस खौफ के कारण कई गांवों के लोग अब अपने घर छोड़कर भागने को मजबूर हैं।
हाथियों के हमले में अब तक कौन-कौन हुआ शिकार
नवादा के रजौली, गोविंदपुर और कौआकोल इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। 11 मई 2026 को बिंदिचक गांव में 55 वर्षीय राजाराम पासवान को हाथी ने कुचल दिया। इससे पहले 2 मई को आनंद नगर में बच्चू राम और 8 अप्रैल को गोविंदपुर में मुन्ना देवी की मौत हुई थी। मार्च के महीने में रजौली के सनोज भुइयां और बिहार-झारखंड सीमा पर मुनिया बिरहोर और बालेश्वर सोरेन की भी जान गई थी।
फसलों और घरों में भारी नुकसान
हाथियों ने गांवों में घुसकर गेहूं, लहसुन और केले की फसलों को पूरी तरह तबाह कर दिया है। विशुनपुर गांव में एक घर का दरवाजा तोड़कर हाथी ने चार मन गेहूं खा लिया। वहीं सेखोदेवरा स्थित ऐतिहासिक जेपी आश्रम में भी हाथियों ने बाउंड्री और मोटर पंप सहित काफी सामान नष्ट कर दिया है। ग्रामीण अब रात भर जागकर ढोल-नगाड़ों और पटाखों की मदद से हाथियों को भगाने की कोशिश कर रहे हैं।
वन विभाग की कार्रवाई और ग्रामीणों का गुस्सा
DFO श्रेष्ठ कुमार कृष्ण ने बताया कि विभाग ड्रोन के जरिए हाथियों की निगरानी कर रहा है और उन्हें जंगल की ओर खदेड़ने की कोशिश जारी है। पश्चिम बंगाल से एक रेस्क्यू टीम को भी बुलाया गया है। दूसरी तरफ, ग्रामीण वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि विभाग ने समय रहते कदम नहीं उठाए और केवल माइकिंग तक सीमित रहा। लोगों ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे और स्थायी समाधान की मांग की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नवादा में हाथियों के हमले में अब तक कितनी मौतें हुई हैं
पिछले दो महीनों में जंगली हाथियों के हमले में कम से कम 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें राजाराम पासवान, बच्चू राम और मुन्ना देवी जैसे ग्रामीण शामिल हैं।
वन विभाग हाथियों को रोकने के लिए क्या कदम उठा रहा है
वन विभाग हाथियों की निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है और उन्हें जंगल में भेजने के लिए पश्चिम बंगाल से एक विशेष रेस्क्यू टीम को बुलाया गया है।