Bihar: बिहार के लोगों के लिए अपने कानूनी विवादों को जल्दी और आसानी से सुलझाने का मौका आने वाला है। राज्य में 9 मई 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस अदालत का मकसद कोर्ट में लंबित पुराने मामलों को आपसी सम
Bihar: बिहार के लोगों के लिए अपने कानूनी विवादों को जल्दी और आसानी से सुलझाने का मौका आने वाला है। राज्य में 9 मई 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस अदालत का मकसद कोर्ट में लंबित पुराने मामलों को आपसी समझौते के जरिए खत्म करना है, ताकि आम लोगों को लंबे समय तक कोर्ट के चक्कर न काटने पड़ें।
लोक अदालत में कौन से मामले सुलझ सकते हैं?
इस लोक अदालत में कई तरह के केस निपटाए जा सकते हैं। इसमें मुख्य रूप से चेक बाउंस (Section 138 NI Act), बैंक रिकवरी, मोटर एक्सीडेंट क्लेम, बिजली और पानी के बिल, जमीन अधिग्रहण और ट्रैफिक चालान जैसे मामले शामिल हैं। इसके अलावा वैवाहिक विवाद (तलाक को छोड़कर), लेबर विवाद और पेंशन से जुड़े सर्विस मैटर भी इसमें सुलझाए जा सकते हैं। ध्यान रहे कि गंभीर अपराध (Non-compoundable offenses) इसमें नहीं सुलझेंगे।
क्या होगा फायदा और क्या है प्रक्रिया?
लोक अदालत की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहां कोई कोर्ट फीस नहीं लगती है। अगर किसी ने पहले फीस जमा की है, तो वह वापस मिल जाएगी। यहां फैसले आपसी सहमति से होते हैं और लोक अदालत का फैसला सिविल कोर्ट की डिग्री जैसा होता है, जिसे किसी दूसरी अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती। लोग अपने संबंधित कोर्ट या जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (DLSA) में आवेदन देकर अपने केस को लोक अदालत में भेज सकते हैं।
तैयारियां और अधिकारियों के निर्देश
बिहार के अलग-अलग जिलों जैसे सीवान, दरभंगा, गया, बांका और बेगूसराय में जिला जज ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। दरभंगा में ट्रैफिक चालान के भारी मामलों को देखते हुए पेमेंट काउंटर, पीने के पानी और मोबाइल टॉयलेट जैसे इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। सीवान और गया के जिला जजों ने न्यायिक अधिकारियों से कहा है कि वे ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस मौके के बारे में बताएं ताकि लोग अपने विवादों को खत्म कर सकें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
राष्ट्रीय लोक अदालत कब से शुरू होगी और समय क्या है?
बिहार में राष्ट्रीय लोक अदालत शुक्रवार, 9 मई 2026 को आयोजित होगी। इसकी सुनवाई सुबह 10:30 बजे से शुरू होगी।
क्या लोक अदालत के फैसले के खिलाफ अपील की जा सकती है?
नहीं, लोक अदालत द्वारा लिया गया निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होता है। इसे किसी भी अन्य अदालत में चुनौती या अपील नहीं दी जा सकती।