Bihar के नालंदा में शीतला माता मंदिर हादसा, NHRC ने DGP और SP से मांगी रिपोर्ट
Bihar/Nalanda: नालंदा जिले के मघड़ा गांव स्थित शीतला माता मंदिर में हुई भगदड़ के मामले में अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP)
Bihar/Nalanda: नालंदा जिले के मघड़ा गांव स्थित शीतला माता मंदिर में हुई भगदड़ के मामले में अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) और नालंदा के पुलिस अधीक्षक (SP) से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। NHRC ने चार हफ्ते के अंदर यह जवाब मांगा है कि प्रशासन ने हादसे के बाद क्या कदम उठाए और दोषियों पर क्या कार्रवाई की गई।
यह दुखद घटना 31 मार्च 2026 को चैत्र माह के आखिरी मंगलवार के दिन हुई थी। मंदिर में उमड़ी भारी भीड़ और भीषण गर्मी की वजह से भगदड़ मच गई, जिसमें 9 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं थीं, जिनमें देवंती देवी, रेखा देवी, मालो देवी, चिंता देवी और कांति देवी के नाम सामने आए थे। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था बहुत कमजोर थी और कुप्रबंधन की वजह से यह हादसा हुआ।
हादसे के बाद सरकार और केंद्र की ओर से मुआवजे का ऐलान किया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के परिवारों को कुल 6 लाख रुपये देने की घोषणा की, जिसमें आपदा राहत कोष से 4 लाख और मुख्यमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपये शामिल हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की सहायता राशि दी। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया था।
प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए डीपनगर थाना प्रभारी राजमणि को लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया था। बिहार के DGP विनय कुमार ने माना कि पुलिस की टीम को वहां मौजूद रहना चाहिए था। उन्होंने अब राज्य के सभी धार्मिक स्थलों का सुरक्षा ऑडिट कराने का आदेश दिया है। मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया है और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।