Bihar: नालंदा के रहुई थाना क्षेत्र से लापता हुई नाबालिग लड़कियों के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ा है जो ग्रामीण इलाकों की स्कूली छात्राओं को बहला-फुसलाकर ले जाता था औ
Bihar: नालंदा के रहुई थाना क्षेत्र से लापता हुई नाबालिग लड़कियों के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ा है जो ग्रामीण इलाकों की स्कूली छात्राओं को बहला-फुसलाकर ले जाता था और फिर उनकी सौदेबाजी कर दलालों को बेच देता था। इस गिरोह के तार राजस्थान और छत्तीसगढ़ तक फैले हुए हैं।
कैसे हुआ इस गिरोह का पर्दाफाश और कितनी लड़कियां बचीं
मामले की शुरुआत 9 अप्रैल को हुई जब रहुई थाना क्षेत्र से दो नाबालिग लड़कियों के लापता होने की शिकायत मिली। सदर DSP-2 संजय कुमार जायसवाल के नेतृत्व में बिहार पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और निगरानी के जरिए राजस्थान के बीकानेर में लड़कियों का पता लगाया। राजस्थान पुलिस की मदद से वहां से तीन नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बचाया गया। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र से भी एक किशोरी को मुक्त कराया गया है।
गिरोह के सदस्य और सौदेबाजी का तरीका
पुलिस ने इस रैकेट की मुख्य सरगना धनवंती देवी उर्फ शोभा समेत गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि ग्रामीण इलाकों की मासूम छात्राओं को लालच देकर ले जाया जाता था। सदर DSP-2 संजय कुमार जायसवाल ने बताया कि इन बच्चियों का सौदा राजस्थान में 3-3 लाख रुपये में किया गया था।
नालंदा में मानव तस्करी के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई
नालंदा में मानव तस्करी के खिलाफ यह पहली बड़ी कार्रवाई नहीं है। इससे पहले 23 फरवरी 2026 को मानव अधिकार संरक्षण आयोग और CID की संयुक्त टीम ने सरमेरा में एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ कर 9 नाबालिग लड़कियों को बचाया था। जुलाई 2025 में CID बिहार ने मानव तस्करी और बाल श्रम को रोकने के लिए विशेष SOP जारी की थी, जिसमें नाबालिगों के शोषण और वेश्यावृत्ति रैकेट से जुड़ी संपत्तियों को जब्त करने के सख्त निर्देश दिए गए थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नालंदा पुलिस ने मानव तस्करी गिरोह के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने राजस्थान के बीकानेर और छत्तीसगढ़ के रायपुर से कुल चार नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बचाया और गिरोह की मुख्य सरगना धनवंती देवी उर्फ शोभा समेत चार सदस्यों को गिरफ्तार किया।
इस गिरोह में लड़कियों की कितनी कीमत लगाई जा रही थी?
सदर DSP-2 संजय कुमार जायसवाल के अनुसार, ग्रामीण इलाकों की इन मासूम छात्राओं का सौदा राजस्थान में 3-3 लाख रुपये में किया गया था।