Patna: बिहार की राजधानी पटना का बिहार म्यूजियम अब सिर्फ ऐतिहासिक धरोहरों को देखने की जगह नहीं रहेगा, बल्कि यह युवाओं के लिए सीखने का एक नया केंद्र बनेगा। म्यूजियम प्रशासन ने इसे एक स्किल हब के रूप में विकसित करने की तैया
Patna: बिहार की राजधानी पटना का बिहार म्यूजियम अब सिर्फ ऐतिहासिक धरोहरों को देखने की जगह नहीं रहेगा, बल्कि यह युवाओं के लिए सीखने का एक नया केंद्र बनेगा। म्यूजियम प्रशासन ने इसे एक स्किल हब के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है। यहां जल्द ही आर्कियोलॉजी, म्यूजियोलॉजी और डिजाइनिंग जैसे खास विषयों में शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू किए जाएंगे। इस पहल का मुख्य मकसद नई पीढ़ी को इतिहास और कला के क्षेत्र में हुनरमंद बनाना है ताकि उन्हें करियर के नए रास्ते मिल सकें।
बिहार म्यूजियम में युवाओं को किस तरह की ट्रेनिंग दी जाएगी?
म्यूजियम के एजुकेशन और पब्लिक प्रोग्राम विभाग ने छात्रों के लिए कई विशेष कोर्स डिजाइन किए हैं। इसमें 15 से 21 साल के युवाओं के लिए ‘यंग क्यूरेटर्स शॉर्ट कोर्स’ जैसे प्रोग्राम शामिल हैं। इन कोर्सेज के जरिए छात्र म्यूजियम की प्रदर्शनी तैयार करना, पुरानी वस्तुओं की देखभाल करना और गैलरी टूर को बेहतर तरीके से पेश करना सीख रहे हैं। हाल के समय में यहां टिकुली आर्ट जैसी पारंपरिक कलाओं पर भी विशेष वर्कशॉप आयोजित की गई हैं, जिससे स्थानीय कला को बढ़ावा मिल रहा है।
म्यूजियम ने ट्रेनिंग के लिए किन बड़े संस्थानों के साथ हाथ मिलाया है?
बिहार म्यूजियम को स्किल हब बनाने के लिए कई नामी संस्थानों के साथ समझौते किए गए हैं। इससे छात्रों को प्रोफेशनल ट्रेनिंग मिल पाएगी और वे विशेषज्ञों से सीधे जुड़ सकेंगे:
- NIFT Patna: इस समझौते के तहत कपड़ों की बुनाई और कला के क्षेत्र में नई रिसर्च और ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जाएंगे।
- Anant National University: गुजरात की इस यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर कला और संस्कृति से जुड़े सेमिनार और वर्कशॉप आयोजित होंगे।
- National Museum Institute: पुरानी कलाकृतियों को सहेजने के लिए कंजर्वेशन लैब के संचालन में मदद ली जाएगी।
- Department of Art and Culture: बिहार सरकार का यह विभाग म्यूजियम के माध्यम से युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा देने पर जोर दे रहा है।
म्यूजियम के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह का कहना है कि इन कोशिशों से बिहार की समृद्ध विरासत को नई पहचान मिलेगी। म्यूजियम को एक जीवंत केंद्र बनाने के लिए सरकार की ओर से लगातार सहयोग मिल रहा है। इसके साथ ही बिहार म्यूजियम और पटना म्यूजियम को जोड़ने वाली टनल का काम भी तेजी से चल रहा है, जो पर्यटकों और छात्रों के अनुभव को और बेहतर बनाएगा।