Bihar में नगर निकाय कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, बोधगया समेत कई शहरों में सफाई और पानी की सप्लाई होगी प्रभावित

Bihar: राज्य के नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में काम करने वाले कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। 30 जुलाई 2026 से शुरू हुई इस हड़ताल में स्थायी, संविदा और आउटसोर्स कर्मी शामिल

Bihar: राज्य के नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में काम करने वाले कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। 30 जुलाई 2026 से शुरू हुई इस हड़ताल में स्थायी, संविदा और आउटसोर्स कर्मी शामिल हैं। बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन और बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले यह आंदोलन चलाया जा रहा है।

कर्मचारियों की मुख्य मांगें नियमितीकरण और सेवा सुरक्षा से जुड़ी हैं। वे चाहते हैं कि लंबे समय से काम कर रहे दैनिक और संविदा कर्मियों को स्थायी किया जाए। साथ ही ठेका और आउटसोर्सिंग सिस्टम को खत्म कर कर्मियों को सीधे नगर निकाय कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। इसके अलावा स्थायी कर्मियों ने एसीपी और एमएसीपी योजना का लाभ देने और बकाये पैसे के भुगतान की मांग की है।

इस हड़ताल से पहले 28 जुलाई को नगर विकास एवं आवास मंत्री और विभाग के सचिव के साथ बातचीत हुई थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद कर्मचारियों ने विरोध का रास्ता चुना। 29 जुलाई को बोधगया, समस्तीपुर, छपरा और बेगूसराय जैसे शहरों में मशाल जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया गया। बोधगया नगर परिषद कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संजीत सिंह के नेतृत्व में वहां के कर्मियों ने भी इस हड़ताल में हिस्सा लिया है।

इस बड़े आंदोलन का सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। शहरों में कूड़ा उठाव, सफाई व्यवस्था, जलापूर्ति, स्ट्रीट लाइट का रखरखाव और टैक्स कलेक्शन जैसे जरूरी काम रुक सकते हैं। समस्तीपुर, सीवान और बेगूसराय जैसे जिलों में इन सेवाओं के प्रभावित होने की खबरें पहले ही आने लगी हैं। कर्मचारियों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी तीनों मांगें पूरी नहीं होंगी, वे काम पर नहीं लौटेंगे।