Bihar: मुंगेर और उसके आसपास के इलाकों के लिए विकास के नए रास्ते खुले हैं। मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary की कैबिनेट ने अंग क्षेत्र के उत्थान के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इसे क्षेत्र के लिए एक बड़े बदलाव के त
Bihar: मुंगेर और उसके आसपास के इलाकों के लिए विकास के नए रास्ते खुले हैं। मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary की कैबिनेट ने अंग क्षेत्र के उत्थान के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इसे क्षेत्र के लिए एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
Ang Township और Satellite City प्रोजेक्ट क्या है?
राज्य सरकार ने Munger जिले में ‘Ang Kshetra Township’ और ‘Ang Satellite City’ प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। Township प्रोजेक्ट के तहत 43 गांवों का विकास किया जाएगा, जिसके लिए करीब 100 एकड़ जमीन तय की गई है। वहीं, Ang Satellite City एक ग्रीनफील्ड टाउनशिप होगी, जो 1016 एकड़ जमीन पर विकसित की जाएगी। इसके अलावा, एक और बड़ा आधुनिक Ang Township 6750 एकड़ में बनेगा, जिसमें Jamalpur, Bariarpur, Haveli Kharagpur और Asarganj ब्लॉक शामिल होंगे।
जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व
सरकार ने Ang Satellite City प्रोजेक्ट को सुरक्षित रखने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। इस ग्रीनफील्ड टाउनशिप क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री और मकान बनाने पर एक साल का बैन लगा दिया गया है, ताकि स्थानीय किसानों और निवासियों के हितों की रक्षा हो सके। इसके साथ ही, राजनीति में भी इस क्षेत्र को मजबूती मिली है। Samrat Cabinet में अब अंग क्षेत्र से छह मंत्री शामिल हैं, जिससे क्षेत्रीय संतुलन और विकास को बढ़ावा मिलेगा।
अंग मुक्ति दल और क्षेत्रीय पहचान
क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान और अधिकारों की लड़ाई के लिए Bhagalpur में ‘Ang Mukti Dal’ के केंद्रीय कार्यालय का उद्घाटन 19 अप्रैल 2026 को किया गया। यह संगठन अंग क्षेत्र के समग्र विकास और इसकी सांस्कृतिक पहचान को आगे बढ़ाने के लिए काम करेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Ang Township किन-किन ब्लॉकों में विकसित किया जाएगा?
आधुनिक Ang Township मुंगेर के चार प्रमुख ब्लॉकों—Jamalpur, Bariarpur, Haveli Kharagpur और Asarganj में 6750 एकड़ जमीन पर विकसित किया जाएगा।
जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक क्यों लगाई गई है?
Ang Satellite City प्रोजेक्ट के तहत स्थानीय किसानों और निवासियों को धोखाधड़ी से बचाने और प्रोजेक्ट के सही कार्यान्वयन के लिए सरकार ने एक साल का बैन लगाया है।