Bihar: मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत गांवों की गलियों को रोशन करने के काम में तेजी आई है। पंचायती राज विभाग के निदेशक नवीन कुमार सिंह ने समीक्षा बैठक में साफ कर दिया है कि इस महीने के अंत तक सभी लाइट
Bihar: मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत गांवों की गलियों को रोशन करने के काम में तेजी आई है। पंचायती राज विभाग के निदेशक नवीन कुमार सिंह ने समीक्षा बैठक में साफ कर दिया है कि इस महीने के अंत तक सभी लाइटें लग जानी चाहिए। काम में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों पर अब सरकार सख्त एक्शन लेगी।
योजना की वर्तमान स्थिति और सरकार के निर्देश क्या हैं?
सरकार ने पाया कि लक्ष्य के मुकाबले अभी भी करीब 1.43 लाख लाइटें लगाना बाकी हैं। कुल 11,73,740 लाइटों का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से अब तक 9,66,051 लाइटें लग चुकी हैं। निदेशक नवीन कुमार सिंह ने एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे महीने के अंत तक 100% काम पूरा करें और सर्विस सेंटरों को पूरी तरह चालू रखें ताकि खराब लाइटें तुरंत ठीक हो सकें।
शिकायत और रखरखाव के लिए क्या नियम बनाए गए हैं?
लाइटों के रखरखाव के लिए सरकार ने कड़े नियम लागू किए हैं ताकि जनता को परेशानी न हो। मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- एजेंसियों को 5 साल तक लाइटों का रखरखाव करना होगा।
- अगर कोई सोलर लाइट 72 घंटे से ज्यादा समय तक बंद रहती है, तो संबंधित एजेंसी पर जुर्माना लगेगा।
- हर पोल पर एक WhatsApp नंबर लिखा होगा, जिससे लोग सीधे शिकायत कर सकेंगे।
- शिकायतों का डिजिटल रिकॉर्ड रखना होगा और BREDA के सेंट्रलाइज्ड मॉनिटरिंग सिस्टम (CMS) से इसकी निगरानी होगी।
लाइट लगाने के नियम और लापरवाही पर एक्शन
योजना के तहत हर वार्ड में 10 सोलर लाइटें लगाने का प्रावधान है, जबकि बड़े वार्डों और स्कूलों या स्वास्थ्य केंद्रों जैसी सार्वजनिक जगहों के लिए अतिरिक्त लाइटें दी गई हैं। नियम के अनुसार लाइटें केवल सार्वजनिक जगहों या बिजली के खंभों पर ही लगेंगी। हाल ही में Biharsharif के बिंद इलाके में एक वार्ड सदस्य द्वारा निजी घर की छत पर लाइट लगाने का मामला सामने आया है, जिसकी जांच की मांग की गई है।