Bihar: राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए बड़े कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि हर जिले और प्रखंड में मॉडल स्कूल खोले जाएंगे। इन स्कूलों का मकसद ऐसी क्वालिटी वाली शिक्षा देना है कि सा
Bihar: राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए बड़े कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि हर जिले और प्रखंड में मॉडल स्कूल खोले जाएंगे। इन स्कूलों का मकसद ऐसी क्वालिटी वाली शिक्षा देना है कि सांसदों, विधायकों और जिलाधिकारियों के बच्चे भी यहीं पढ़ाई कर सकें।
मॉडल स्कूलों के लिए कितना बजट मिला और क्या है योजना
बिहार के शिक्षा मंत्री ने 21 फरवरी 2026 को बताया कि मॉडल स्कूलों के लिए 800 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 में ‘सात निश्चय-3’ के तहत ‘उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य योजना’ के जरिए कुल 8,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत सभी जिला स्कूलों और हर प्रखंड के एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को मॉडल स्कूल बनाया जाएगा।
स्कूलों में कौन सी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी
शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों के विकास के लिए प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। स्कूलों में आधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला (Science Lab) और आईसीटी लैब जैसी सुविधाएं होंगी। इसके अलावा, चिन्हित भवनों के मरम्मत और शुरुआती पढ़ाई शुरू करने के लिए प्रति कॉलेज 50 लाख रुपये की दर से कुल 104 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में मॉडल स्कूलों के लिए कुल कितना बजट तय किया गया है?
शुरुआती तौर पर 800 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य योजना के तहत कुल 8,000 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य है।
इन मॉडल स्कूलों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इनका उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करना है ताकि समाज के हर वर्ग के साथ-साथ बड़े अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बच्चे भी सरकारी स्कूलों में पढ़ सकें।