Bihar: बिहार के रोहतास, गया और औरंगाबाद जिलों की जमीन के नीचे कीमती खनिजों का बड़ा भंडार मिला है। इन खनिजों का इस्तेमाल लड़ाकू विमान, मिसाइल और रडार जैसे हाई-टेक सैन्य उपकरणों को बनाने में किया जाएगा। सरकार जल्द ही इन क्
Bihar: बिहार के रोहतास, गया और औरंगाबाद जिलों की जमीन के नीचे कीमती खनिजों का बड़ा भंडार मिला है। इन खनिजों का इस्तेमाल लड़ाकू विमान, मिसाइल और रडार जैसे हाई-टेक सैन्य उपकरणों को बनाने में किया जाएगा। सरकार जल्द ही इन क्षेत्रों में खुदाई और खनन की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है।
कौन से जिले में क्या मिला है
बिहार के अलग-अलग जिलों में अलग-अलग तरह के दुर्लभ खनिज पाए गए हैं। औरंगाबाद और गया जिलों में पोटाश के बड़े भंडार मिले हैं, जबकि रोहतास जिले में क्रोमियम, निकेल और ग्लॉकोनाइट मौजूद हैं। इसके अलावा बांका में कोबाल्ट, भागलपुर में रेयर अर्थ एलिमेंट्स और नवादा में वैनाडियम युक्त मैग्नेटाइट और इल्मेनाइट के संकेत मिले हैं।
इन खनिजों का सैन्य उपयोग और महत्व
इनमें से रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REEs) का इस्तेमाल लड़ाकू विमान, सैन्य ड्रोन और अत्याधुनिक संचार उपकरणों के निर्माण में होता है। वहीं क्रोमियम का उपयोग हवाई जहाज और मोबाइल फोन बनाने के लिए किया जाता है। इन खनिजों की मौजूदगी से भारत की सैन्य ताकत और तकनीक को मजबूती मिलेगी।
कब शुरू होगी नीलामी और खुदाई
बिहार सरकार दुर्लभ और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 14 खनिज ब्लॉकों की नीलामी की तैयारी कर रही है। नवादा में वैनाडियम युक्त मैग्नेटाइट और इल्मेनाइट के एक ब्लॉक और रोहतास में ग्लॉकोनाइट के तीन ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया 20 मई 2026 के बाद शुरू हो सकती है। MSTC ने इसके लिए घरेलू और विदेशी कंपनियों से बोलियां मांगी हैं।
खनन के नए नियम और सुरक्षा
अवैध खनन को रोकने के लिए बिहार खनिज नियमावली 2019 में बदलाव किए गए हैं। अब अवैध खनन पर 1 लाख से 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगेगा। साथ ही खनन क्षेत्रों में सीसीटीवी, जीपीएस और इलेक्ट्रॉनिक धर्मकांटा लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार खनन प्रभावित इलाकों के लोगों के लिए प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY) भी लागू करेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार के किन जिलों में कौन से खनिज मिले हैं?
गया और औरंगाबाद में पोटाश, रोहतास में क्रोमियम, निकेल और ग्लॉकोनाइट मिले हैं। इसके अलावा बांका में कोबाल्ट और भागलपुर में रेयर अर्थ एलिमेंट्स पाए गए हैं।
इन खनिजों का उपयोग कहाँ होगा?
इनका उपयोग लड़ाकू विमान, मिसाइल, रडार, सैन्य ड्रोन और मोबाइल फोन जैसे उच्च-तकनीकी उपकरणों के निर्माण में किया जाएगा।