Bihar में खनिज ब्लॉकों की नीलामी के लिए 17 अगस्त को पटना आएगी केंद्रीय टीम, राजस्व में 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी की उम्मीद
Bihar: राज्य में खनिज संपदा के विकास और व्यावसायिक खनन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की एक टीम 17 अगस्त 2026 को पटना आएगी। यह टीम केंद्रीय खान मंत्रालय की ओर से आएगी और पटना के होटल मौर्य में एक बड़ा रोडशो और वर्कशॉ
Bihar: राज्य में खनिज संपदा के विकास और व्यावसायिक खनन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की एक टीम 17 अगस्त 2026 को पटना आएगी। यह टीम केंद्रीय खान मंत्रालय की ओर से आएगी और पटना के होटल मौर्य में एक बड़ा रोडशो और वर्कशॉप आयोजित करेगी। इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद बिहार के महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना और निवेशकों को आकर्षित करना है।
इस आयोजन का नेतृत्व केंद्रीय कोयला और खान राज्य मंत्री Satish Chandra Dubey करेंगे और उनके साथ बिहार के खान एवं भूविज्ञान मंत्री Pramod Kumar भी मौजूद रहेंगे। इस दौरान नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट पर चर्चा होगी और निवेशकों को ई-बिडिंग सिस्टम, पर्यावरण मंजूरी और सामाजिक प्रभाव जैसे जरूरी पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही, खनिज ब्लॉकों की नीलामी के आठवें चरण और बिहार की खनिज संपदा के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।
Geological Survey of India की रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार के गया और रोहतास जिलों में मैग्नेटाइट, वैनेडियम और ग्लौकोनाइट के बड़े भंडार मिले हैं। राज्य में नीलामी के लिए कुल 14 बड़े खनिज ब्लॉकों की पहचान की गई है। सरकार ने 2026 में खनिज नीलामी नियमों में बदलाव किए हैं ताकि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिले और नीलामी के बाद खदानों का काम तेजी से शुरू हो सके।
खान एवं भूविज्ञान विभाग और विशेषज्ञों का मानना है कि जब इन क्षेत्रों में व्यावसायिक खनन शुरू होगा, तो राज्य की कमाई में भारी इजाफा होगा। अनुमान है कि इससे बिहार सरकार के राजस्व में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अलावा, खनन गतिविधियों से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इस कार्यक्रम में MECL, GSI के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ उद्योग जगत के बड़े नेता भी शामिल होंगे।