Bihar: बिहार के अलग-अलग जिलों से स्कूलों में मिड डे मील खाकर बच्चों के बीमार होने की खबरें सामने आई हैं। नालंदा जिले में छोले-चावल खाने के बाद 60 से ज्यादा छात्र बीमार हो गए, वहीं सहरसा के बलुआहा मिडिल स्कूल में भी ऐसी ह
Bihar: बिहार के अलग-अलग जिलों से स्कूलों में मिड डे मील खाकर बच्चों के बीमार होने की खबरें सामने आई हैं। नालंदा जिले में छोले-चावल खाने के बाद 60 से ज्यादा छात्र बीमार हो गए, वहीं सहरसा के बलुआहा मिडिल स्कूल में भी ऐसी ही घटना घटी। इन घटनाओं के बाद अभिभावकों में काफी डर का माहौल है और प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।
नालंदा और सहरसा की घटनाओं में क्या हुआ
नालंदा में मिड डे मील के बाद 60 से अधिक बच्चे बीमार पड़े। यहाँ एक टीचर ने भी खाना चखा था, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। दूसरी ओर, सहरसा के बलुआहा मिडिल स्कूल में 7 मई 2026 को चावल और दाल खाने के बाद 100 से 300 बच्चे बीमार हो गए। बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और जी मिचलाने जैसी शिकायतें थीं। सहरसा में यह अफवाह भी फैली कि दाल के कंटेनर में मरा हुआ सांप था, जिससे स्कूल में अफरा-तफरी मच गई।
प्रशासन ने क्या कदम उठाए और क्या है अपडेट
सहरसा के जिला मजिस्ट्रेट Deepesh Kumar और सिविल सर्जन Dr. Raj Narayan Prasad ने बताया कि बीमार बच्चों को पहले PHC और फिर सदर अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चों की हालत अब स्थिर है और जहर का कोई बड़ा लक्षण नहीं मिला है। प्रशासन ने भोजन के सैंपल लेकर लैब भेज दिए हैं और FSSAI की टीम से जांच कराने को कहा है। यह भी देखा जा रहा है कि क्या खाना परोसने से पहले शिक्षकों ने उसे चखा था या नहीं।
बिहार में मिड डे मील के नियम और पिछली घटनाएं
बिहार सरकार ने फरवरी 2025 में मिड डे मील के लिए नई पॉलिसी लागू की थी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और बच्चों को सही पोषण मिले। जनवरी 2025 में मेनू में भी बदलाव किए गए थे ताकि प्रोटीन युक्त भोजन मिल सके। हालांकि, इस साल यह तीसरी ऐसी घटना है। इससे पहले फरवरी 2026 में मधेपुरा में छिपकली मिलने से 70 बच्चे और जनवरी 2026 में गहुमनी इटहरी स्कूल में 50 बच्चे बीमार हुए थे। शिकायत के लिए सरकार ने 1800-345-6208 टोल फ्री नंबर भी जारी किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सहरसा में बच्चे क्यों बीमार हुए और क्या वजह बताई जा रही है
सहरसा के बलुआहा मिडिल स्कूल में चावल-दाल खाने के बाद बच्चे बीमार हुए। वहां दाल के कंटेनर में मरा हुआ सांप होने की बात सामने आई है, जिसकी जांच लैब रिपोर्ट के बाद ही साफ होगी।
बिहार सरकार ने मिड डे मील के लिए क्या नई व्यवस्था की है
सरकार ने फरवरी 2025 में नई पॉलिसी लागू की है जिसमें पारदर्शिता के लिए रसीद सिस्टम और पोषण बढ़ाने के लिए सोयाबीन और दालों जैसे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों को मेनू में जोड़ा गया है।