Bihar के मनेर, बिहटा और पीरो को जाम से मिलेगी मुक्ति, नए बाइपास निर्माण का रास्ता साफ
Bihar: पटना और आसपास के इलाकों में सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। मनेर, बिहटा और पीरो जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में अब नए बाइपास सड़क बनाए जाएंगे। इससे इन क्षेत्रों में लगने वाले भारी जाम से पूरी तरह छुटकारा मिल जाए
Bihar: पटना और आसपास के इलाकों में सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। मनेर, बिहटा और पीरो जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में अब नए बाइपास सड़क बनाए जाएंगे। इससे इन क्षेत्रों में लगने वाले भारी जाम से पूरी तरह छुटकारा मिल जाएगा और वाहनों को अब बीच बाजार से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा।
इन परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार और नाबार्ड (NABARD) फंड मुहैया करा रहे हैं। बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग ने नाबार्ड के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत राज्य की कई सड़क परियोजनाओं के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। 7 अगस्त 2026 को बिहार सरकार ने सड़क और पुल निर्माण के लिए नाबार्ड से 21,000 करोड़ रुपये का ऋण लेने का समझौता किया है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा के दौरान इन बाइपास की घोषणा की थी। इस योजना के तहत बिहटा-मनेर मार्ग का चार-लेन चौड़ीकरण किया जाएगा और दीघा से मनेर तक एक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसके अलावा जेपी गंगा पथ का विस्तार बिहटा होते हुए कोइलवर तक और दीदारगंज से मोकामा तक पूर्व की ओर करने की तैयारी है।
बिहार में सड़कों के जाल को बिछाने के लिए बड़े स्तर पर काम हो रहा है। बिहार मंत्रिमंडल ने उत्तरी बिहार में 42 और दक्षिणी बिहार में 64 योजनाओं को मंजूरी दी है। नाबार्ड ने वित्त वर्ष 2023-24 में बिहार को 10,372.86 करोड़ रुपये की सहायता दी थी, जो अब तक की सबसे अधिक राशि है।
| स्थान/परियोजना | विवरण |
|---|---|
| मनेर, बिहटा, पीरो | नए बाइपास से बाजार में जाम खत्म होगा |
| नौबतपुर-हरिहरगंज (अरवल) | 12 किलोमीटर लंबा चार-लेन बाइपास |
| झाझा और भैरोगंज | बाइपास परियोजनाओं को मंजूरी |
| अन्य प्रस्तावित शहर | मधुबनी, जयनगर, गोपालगंज, नवादा, सीतामढ़ी और शिवहर |
| बाइपास कार्य जारी | छपरा, रेविलगंज, आरा, बक्सर-चौसा और शेखपुरा |
पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल और नाबार्ड के अध्यक्ष शाजी कृष्णन वी ने इस समझौते पर मुहर लगाई है। इस कदम से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे और एमएसएमई क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी।