Bihar के मधुबनी में मिली प्राचीन सभ्यता, अगले 10 साल तक चलेगी खुदाई, ASI करेगा संरक्षण

Bihar/Madhubani: मधुबनी जिले के ऐतिहासिक बलिराजगढ़ में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को खुदाई के दौरान एक प्राचीन सभ्यता के अवशेष मिले हैं। यहाँ से ईंटों की दीवारें, पुराने सिक्के, मुहरें और मिट्टी के खिलौने बरामद हुए

Bihar/Madhubani: मधुबनी जिले के ऐतिहासिक बलिराजगढ़ में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को खुदाई के दौरान एक प्राचीन सभ्यता के अवशेष मिले हैं। यहाँ से ईंटों की दीवारें, पुराने सिक्के, मुहरें और मिट्टी के खिलौने बरामद हुए हैं। इस खोज के महत्व को देखते हुए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने यहाँ अगले 10 वर्षों तक उत्खनन कार्य जारी रखने का फैसला किया है।

ASI ने मार्च 2026 में यहाँ वैज्ञानिक तरीके से खुदाई शुरू की थी, जिसका निर्देशन पटना सर्किल के अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. हरि ओम शरण कर रहे हैं। खुदाई में सात-परत वाली ईंटों की संरचना, आंगन, फर्श और पानी की निकासी के लिए सोख्ता गड्ढे मिले हैं। साथ ही यहाँ 13 रिंगों वाला एक गोलाकार कुआं भी मिला है। शुरुआती सबूतों से लगता है कि यह जगह लौह युग के विदेह साम्राज्य से जुड़ी हो सकती है, जिससे इस इलाके का इतिहास और पुराना हो जाएगा।

इस प्रोजेक्ट में राज्यसभा सांसद और जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा काफी सक्रिय रहे हैं। उन्होंने नई दिल्ली में केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मंत्रालय के सचिव के साथ बैठक कर यहाँ के संरक्षण और खुदाई की प्रगति पर चर्चा की। सरकार की योजना है कि यहाँ एक स्थायी ASI ऑफिस खोला जाए और एक म्यूजियम बनाया जाए ताकि इन खोजों को सुरक्षित रखा जा सके और लोग इन्हें देख सकें।

सुरक्षा को लेकर भी कड़े कदम उठाए गए हैं। मई 2026 में घुसपैठ की खबरों के बाद यहाँ सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने उत्खनन क्षेत्र के चारों ओर चारदीवारी बनाने और CCTV कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। वहीं पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने बताया कि साइट पर चौबीसों घंटे पुलिस पिकेट तैनात रहेगी।