Bihar : बिहार में शराबबंदी कानून लागू हुए करीब एक दशक हो गया है, लेकिन जमीन पर हालात अलग हैं। अब शराब की डिलीवरी के लिए पिज्जा से भी तेज सिस्टम तैयार हो गया है। लोग ‘सोनपापड़ी’, ‘प्योर मिल्क’ और &
Bihar : बिहार में शराबबंदी कानून लागू हुए करीब एक दशक हो गया है, लेकिन जमीन पर हालात अलग हैं। अब शराब की डिलीवरी के लिए पिज्जा से भी तेज सिस्टम तैयार हो गया है। लोग ‘सोनपापड़ी’, ‘प्योर मिल्क’ और ‘संन्यासी बाबा’ जैसे कोडवर्ड का इस्तेमाल कर घर बैठे शराब मंगवा रहे हैं। इस अवैध कारोबार ने राज्य में एक बहुत बड़ी समानांतर अर्थव्यवस्था खड़ी कर दी है।
शराब की डिलीवरी के लिए कौन से कोडवर्ड और तरीके अपना रहे हैं तस्कर
तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए शब्दों का खेल शुरू किया है। महंगी स्कॉच व्हिस्की को ‘प्योर मिल्क’ और प्रीमियम शराब को ‘सोनपापड़ी’ कहा जाता है। डिलीवरी करने वाले लड़कों के लिए ‘समोसेवाला’ या ‘संन्यासी बाबा’ जैसे शब्दों का प्रयोग होता है। वहीं महिलाओं के नेटवर्क के लिए ‘ट्यूशन मैम’, ‘नर्स मैम’ और ‘पार्लरवाली’ जैसे कोडवर्ड इस्तेमाल किए जा रहे हैं। ऑर्डर के लिए WhatsApp पर ‘Health & Fitness’ जैसे साधारण नाम वाले ग्रुप बनाए गए हैं, ताकि किसी को शक न हो।
कैसे हो रही है शराब की तस्करी और क्या है सरकारी डेटा
शराब पहुंचाने के लिए अब ‘निंजा तकनीक’ का इस्तेमाल हो रहा है। बोतलें प्लास्टिक की खोखली कुर्सियों, सब्जियों की परतों, मॉडिफाइड फ्यूल टैंक और यहां तक कि एम्बुलेंस में छिपाकर ले जाई जा रही हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2016 से अब तक 17 लाख से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 5 करोड़ लीटर शराब जब्त हुई है। पुलिस अब ड्रोन और स्निफर डॉग्स की मदद ले रही है और 67 चेक पोस्ट पर CCTV लगाए गए हैं।
शराबबंदी के आर्थिक और सामाजिक असर क्या रहे
विपक्ष का दावा है कि इस अवैध व्यापार से 25,000 से 40,000 करोड़ रुपये की इकोनॉमी बन गई है। वहीं, शराबबंदी के बाद ग्रामीण इलाकों में जहरीली शराब की घटनाएं बढ़ी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, लोग अब गांजा, अफीम और कफ सिरप का ज्यादा इस्तेमाल करने लगे हैं। 2015 से 2021 के बीच गांजे की जब्ती में करीब 2,700 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा, करीब 30,000 से 40,000 परिवारों की रोजी-रोटी भी प्रभावित हुई है जो पहले लाइसेंसी दुकानों से जुड़े थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में शराब की डिलीवरी के लिए किन कोडवर्ड्स का इस्तेमाल हो रहा है?
प्रीमियम शराब के लिए ‘सोनपापड़ी’ और महंगी व्हिस्की के लिए ‘प्योर मिल्क’ का इस्तेमाल होता है। डिलीवरी एजेंटों के लिए ‘संन्यासी बाबा’ और ‘ट्यूशन मैम’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है।
बिहार में शराबबंदी के बाद अवैध अर्थव्यवस्था का आकार क्या है?
विपक्षी नेताओं और अनुमानों के अनुसार, बिहार में शराब की अवैध तस्करी से 25,000 करोड़ से लेकर 40,000 करोड़ रुपये तक की समानांतर अर्थव्यवस्था खड़ी हो गई है।