Bihar में आकाशीय बिजली का कहर, 5 जिलों में 13 लोगों की मौत, मृतकों के परिजनों को मिलेंगे 4 लाख रुपये

Bihar: दक्षिण और पूर्वी बिहार में मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को मौसम का मिजाज बेहद खराब रहा। आकाशीय बिजली गिरने से राज्य के पांच जिलों में कुल 13 लोगों की जान चली गई। इस प्राकृतिक आपदा ने नवादा, बांका, लखीसराय, गया और जमुई ज

Bihar: दक्षिण और पूर्वी बिहार में मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को मौसम का मिजाज बेहद खराब रहा। आकाशीय बिजली गिरने से राज्य के पांच जिलों में कुल 13 लोगों की जान चली गई। इस प्राकृतिक आपदा ने नवादा, बांका, लखीसराय, गया और जमुई जिलों में भारी तबाही मचाई है।

नवादा जिले में एक साथ 4 मजदूरों पर बिजली गिरी, जिनमें से राजाौली इलाके में तीन मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान मणि मांझी (60 वर्ष), राजेंद्र मांझी (20 वर्ष) और इंद्रजीत मांझी (18 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से सीतामढ़ी जिले के रहने वाले थे। वहीं बांका जिले में अलग-अलग जगहों पर 5 लोगों की मौत हुई, जिनमें चार महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। बांका के बौंसी प्रखंड के सिरायं गांव में 70 वर्षीय सुरेश यादव की खेत जाते समय बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में 10 लोग घायल भी हुए हैं।

इस घटना के बाद बिहार राज्य सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मृतकों के परिजनों के लिए 4 लाख रुपये के अनुग्रह अनुदान की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और जितना हो सके घरों के अंदर रहने की अपील की है। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 अगस्त के लिए बिहार में गरज-चमक और आंधी की चेतावनी पहले ही जारी कर दी थी। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) लोगों को जागरूक करने के लिए काम कर रहा है। विभाग ने लोगों से “इंद्रवज्र” मोबाइल ऐप डाउनलोड करने की सलाह दी है, जो बिजली गिरने से करीब 40-45 मिनट पहले चेतावनी भेज देता है।

आपदा प्रबंधन विभाग ने सलाह दी है कि भारी बारिश या बिजली कड़कने के समय पक्के घरों में शरण लें। खुले खेतों, तालाबों, नदियों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। साथ ही इस दौरान मोबाइल फोन या किसी भी धातु की वस्तु का इस्तेमाल न करें।