Bihar में भूमिहीन स्कूलों को मिलेगा अपना भवन, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शुरू की तैयारी
Bihar: राज्य के उन सरकारी स्कूलों के लिए अच्छी खबर है जिनके पास अपनी जमीन या पक्का भवन नहीं है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की पहल पर अब इन स्कूलों को भवन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग ने इस काम
Bihar: राज्य के उन सरकारी स्कूलों के लिए अच्छी खबर है जिनके पास अपनी जमीन या पक्का भवन नहीं है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की पहल पर अब इन स्कूलों को भवन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग ने इस काम में तेजी दिखाते हुए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से जल्द से जल्द जानकारी मांगी है।
बिहार शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को पत्र भेजकर सरकारी भूमिहीन और भवनहीन प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों की ताजा सूची मांगी है। निर्देश दिया गया है कि यह लिस्ट 24 घंटे के भीतर हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी के माध्यम से जमा करनी होगी। प्राथमिक शिक्षा निदेशक कुमार निशांत विवेक ने इस संबंध में सभी जिलों को जरूरी पत्र जारी कर दिए हैं।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि सरकार ने इन स्कूलों को भवन देने की तैयारी शुरू कर दी है। इस लिस्ट से यह पता चलेगा कि वास्तव में कितने स्कूलों को जमीन और कमरे की जरूरत है। राज्य में 10 हजार से ज्यादा स्कूल ऐसे हैं जिनके पास अपनी जमीन नहीं है और बच्चे खुले आसमान या पेड़ों के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। मानसून के समय स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे करीब 2,000 स्कूलों में पानी भरने के कारण पढ़ाई पूरी तरह बंद हो जाती है।
विभाग की योजना है कि चालू वित्तीय वर्ष के अंदर ही इन चिह्नित स्कूलों के लिए जमीन की व्यवस्था की जाए और नए कमरों का निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। इस कदम से उन हजारों बच्चों को फायदा होगा जो बुनियादी सुविधाओं के अभाव में पढ़ाई कर रहे थे।