Bihar: बिहार में जमीन खरीदने वालों के लिए अब धोखाधड़ी का डर खत्म होगा। नीतीश सरकार ने जमीन रजिस्ट्री के लिए एक नया डिजिटल सिस्टम लागू किया है, जिससे अब कोई भी व्यक्ति घर बैठे जमीन के कानूनी पहलुओं की जांच कर सकेगा। इस व्
Bihar: बिहार में जमीन खरीदने वालों के लिए अब धोखाधड़ी का डर खत्म होगा। नीतीश सरकार ने जमीन रजिस्ट्री के लिए एक नया डिजिटल सिस्टम लागू किया है, जिससे अब कोई भी व्यक्ति घर बैठे जमीन के कानूनी पहलुओं की जांच कर सकेगा। इस व्यवस्था से यह साफ हो जाएगा कि जिस प्लॉट को आप खरीद रहे हैं, उस पर कोई कोर्ट केस, लोन या मालिकाना हक का विवाद तो नहीं है।
रजिस्ट्री से पहले क्या-क्या जांचा जाएगा और क्या हैं नए नियम
अब बिहार में किसी भी जमीन की रजिस्ट्री से पहले संबंधित Circle Officer (CO) से वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। CO को 10 दिनों के भीतर जमीन के खाता, खेसरा, रकबा, चौहद्दी और जमाबंदी नंबर जैसी रिपोर्ट देनी होगी। इसके अलावा, रजिस्ट्री के दौरान खरीदार और विक्रेता दोनों का आधार आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन (फिंगरप्रिंट और फेस रिकग्निशन) जरूरी कर दिया गया है ताकि फर्जीवाड़े को रोका जा सके।
डिजिटल सिस्टम और भुगतान की नई व्यवस्था
सरकार ने बिहार भूमि पोर्टल (biharbhumi.bihar.gov.in) के जरिए सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन कर दिए हैं। अब स्टैम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान केवल UPI या नेट बैंकिंग जैसे डिजिटल माध्यमों से ही होगा, कैश में पेमेंट पूरी तरह बंद कर दिया गया है। साथ ही, रजिस्ट्री के 90 दिनों के भीतर दाखिल-खारिज (Mutation) के लिए आवेदन करना अनिवार्य है, वरना कानूनी कार्रवाई या पेनल्टी लग सकती है।
जमीन सुधार और सर्वे की समय सीमा
राजस्व विभाग ने जमीन के रिकॉर्ड में गलतियों को सुधारने के लिए एक समयबद्ध डिजिटल प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें जटिल मामलों को अधिकतम 22 कार्य दिवसों में सुलझाया जाएगा। राज्यव्यापी जमीन सर्वे की समय सीमा को दिसंबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निर्देश दिया है कि जमीन मापी के सभी लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटाया जाए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में जमीन की रजिस्ट्री के लिए अब क्या अनिवार्य है?
अब रजिस्ट्री से पहले Circle Officer (CO) का वेरिफिकेशन और खरीदार-विक्रेता दोनों का आधार आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य है।
दाखिल-खारिज (Mutation) के लिए कितने दिन का समय मिलता है?
जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद 90 दिनों के भीतर दाखिल-खारिज के लिए आवेदन करना जरूरी है, देरी होने पर पेनल्टी लग सकती है।