Bihar में जमीन रजिस्ट्री अब होगी पेपरलेस, Kaimur समेत पूरे राज्य में लागू होगा नया डिजिटल सिस्टम

Bihar/Kaimur: बिहार में जमीन और मकान की रजिस्ट्री कराने का तरीका अब पूरी तरह बदलने वाला है। राज्य सरकार रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पेपरलेस बनाने जा रही है, जिससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और फर्जीवाड़े

Bihar/Kaimur: बिहार में जमीन और मकान की रजिस्ट्री कराने का तरीका अब पूरी तरह बदलने वाला है। राज्य सरकार रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पेपरलेस बनाने जा रही है, जिससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी। इस नई व्यवस्था में आधार OTP और डिजिटल वेरिफिकेशन का इस्तेमाल होगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो जाएगी।

कैमूर जिले में यह पेपरलेस व्यवस्था 15 जुलाई 2026 से लागू होगी, जबकि पूरे बिहार में इसे अगस्त 2026 से पूरी तरह लागू करने की तैयारी है। कुछ रिपोर्ट के मुताबिक 1 अगस्त 2026 से राज्य के सभी रजिस्ट्री ऑफिस डिजिटल हो जाएंगे। इसी कड़ी में बिहार रजिस्ट्रेशन रूल्स-2026 के तहत सहरसा जिले के सोनवर्षा राज सब-रजिस्ट्री ऑफिस जैसे कुछ कार्यालयों में 18 जुलाई 2026 से यह सिस्टम शुरू हो जाएगा। पहले चरण में राज्य के 10 रजिस्ट्री ऑफिसों में इसे लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाजीपुर, वैशाली में इस आधुनिक डिजिटल सिस्टम का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि अब रजिस्ट्री के दस्तावेज सीधे WhatsApp और ईमेल के जरिए मिलेंगे। जमीन की सही स्थिति जानने के लिए GIS टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा, जिससे जमीन खरीदने और बेचने से पहले उसकी असल स्थिति की ऑनलाइन जांच की जा सकेगी। इससे भविष्य में होने वाले जमीन विवादों में कमी आएगी।

इस नए सिस्टम में दस्तावेज लिखने वाले, स्टैम्प वेंडर और वकील अब सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर काम करेंगे। इनका काम ऑनलाइन डेटा एंट्री करना, डिजिटल फॉर्मेट तैयार करना और ई-साइनिंग की प्रक्रिया को पूरा करना होगा। फर्जीवाड़े को रोकने के लिए खरीदार, विक्रेता और गवाहों का आधार OTP, डिजिटल सिग्नेचर और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन अनिवार्य होगा। अब रजिस्ट्री की हार्ड कॉपी की जगह खरीदार और विक्रेता के मोबाइल पर PDF लिंक भेजा जाएगा।

बुजुर्गों के लिए सरकार ने सुविधा बढ़ाते हुए होम रजिस्ट्रेशन की उम्र 80 साल से घटाकर 75 साल कर दी है। अब 75 साल या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के घर जाकर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और डिजिटल औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। साथ ही, अगर कोई सर्कल ऑफिस 10 दिनों के भीतर आवेदन पर फैसला नहीं लेता है, तो वह आवेदन अपने आप रजिस्ट्रेशन ऑफिस पोर्टल पर चला जाएगा।