Bihar में जमीन रजिस्ट्री हुई महंगी, Bhagalpur के मुख्य बाजारों में रेट दोगुने, अब एक डिसमिल के लिए देने होंगे 80 लाख

Bhagalpur: बिहार सरकार ने जमीन और प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री दरों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। नए नियमों के बाद अब शहरी इलाकों में रजिस्ट्री फीस दोगुनी हो गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी दरों में 60 फीसदी तक का इजाफा हुआ

Bhagalpur: बिहार सरकार ने जमीन और प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री दरों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। नए नियमों के बाद अब शहरी इलाकों में रजिस्ट्री फीस दोगुनी हो गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी दरों में 60 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर भागलपुर के मुख्य बाजारों और ग्रामीण इलाकों में जमीन खरीदने वालों पर पड़ेगा।

बिहार के prohibition, excise और registration विभाग ने 18 जून 2026 को इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया था, जो 19 जून 2026 से लागू हो गया है। भागलपुर के सुजागंज, दोपन सिंह रोड और वार्ड-38 जैसे प्रमुख कमर्शियल इलाकों में अब एक डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री फीस 40 लाख से बढ़कर 80 लाख रुपये तक पहुंच गई है। वहीं, वार्ड-39 को रजिस्ट्री के लिए सबसे सस्ता क्षेत्र बताया गया है।

ग्रामीण इलाकों में भी जमीन महंगी हुई है। नालनगर के गोरगांव में एक डिसमिल की रजिस्ट्री फीस 48 हजार से बढ़कर 30 हजार (संशोधित दर) और कृषि भूमि के कुछ मामलों में यह 5,500 रुपये से बढ़कर 8,800 रुपये प्रति डिसमिल हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह बढ़ोतरी आने वाले विकास प्रोजेक्ट्स और सरकारी योजनाओं के चलते की गई है।

विवरण पुराना नियम/दर नया नियम/दर
शहरी क्षेत्र (Circle Rate) सामान्य दर दोगुना (2x)
ग्रामीण क्षेत्र (Circle Rate) सामान्य दर 60% की वृद्धि (1.6x)
सामान्य स्टैम्प ड्यूटी 6% 7%
महिला स्टैम्प ड्यूटी छूट 0.3% 0.4%
वार्षिक वृद्धि (MVR) निश्चित नहीं 5% ऑटोमैटिक बढ़ोतरी

Excise Commissioner-cum-IG Anshul Agarwal ने पुष्टि की है कि ये नई दरें 19 जून से प्रभावी हैं। सरकार को उम्मीद है कि इससे राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होगी और इस वित्त वर्ष में रजिस्ट्रेशन विभाग से करीब 8,250 करोड़ रुपये जमा होंगे। जिला सब-रजिस्ट्रार, भागलपुर के अनुसार, फीस बढ़ने के कारण लोग अब जमीन खरीदने के फैसले टाल रहे हैं, जिससे रजिस्ट्री ऑफिस में रोजाना होने वाली रजिस्ट्री की संख्या 80-100 से घटकर करीब 60 रह गई है।

जिन लोगों ने 17 जून से पहले स्लॉट बुक कर लिया था और ऑनलाइन कागजी कार्रवाई पूरी कर ली थी, उनकी रजिस्ट्री पुरानी दरों पर ही होगी, लेकिन उन्हें 1% अतिरिक्त शुल्क देना होगा। सरकार का मानना है कि नए रेट्स से जमीन अधिग्रहण के समय किसानों को बेहतर मुआवजा मिल सकेगा और महिलाओं को प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में ज्यादा राहत मिलेगी।