Bihar: बिहार सरकार अब जमीन से जुड़े कामकाज में पूरी तरह पारदर्शिता लाने की तैयारी में है। राजस्व मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने साफ कर दिया है कि अब ई-मापी समेत सभी राजस्व कार्य केवल ऑनलाइन ही किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारि
Bihar: बिहार सरकार अब जमीन से जुड़े कामकाज में पूरी तरह पारदर्शिता लाने की तैयारी में है। राजस्व मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने साफ कर दिया है कि अब ई-मापी समेत सभी राजस्व कार्य केवल ऑनलाइन ही किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि अगर 15 दिनों के भीतर कामकाज में सुधार नहीं हुआ, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ऑनलाइन काम न करने वाले अधिकारियों पर क्या होगी कार्रवाई
राजस्व मंत्री ने निर्देश दिया है कि अब कोई भी काम ऑफलाइन नहीं होगा। भ्रष्टाचार और अवैध वसूली की शिकायतों को देखते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में Economic Offence Unit (EOU) का एक स्पेशल सेल बनाया गया है। मंत्री का मुख्य उद्देश्य विभाग से भ्रष्टाचार को पूरी तरह खत्म करना है। इसके अलावा, अमीन के ट्रांसफर के लिए भी जून से एक नया ऑनलाइन पोर्टल शुरू होगा ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे।
जमीन के कागजात और पेंडिंग केस का क्या है अपडेट
सरकार ने अब तक 33 करोड़ जमीन के दस्तावेजों को डिजिटल कर दिया है और बाकी का काम जारी है। परिमार्जन (land record correction) के 35 लाख से ज्यादा लंबित मामलों को सुलझाने के लिए अधिकारियों को 30 जून तक की डेडलाइन दी गई है। साथ ही, सर्कल ऑफिसर्स के काम की निगरानी के लिए अब रोजाना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की जा रही है ताकि म्यूटेशन और ई-मापी जैसे काम समय पर पूरे हों।
आम लोगों के लिए क्या बदले नियम
1 अप्रैल 2026 से जमीन रजिस्ट्री के लिए अब 13 जानकारियां देना अनिवार्य होगा, जिससे भविष्य में कानूनी विवाद कम होंगे। अब जमाबंदी, खतियान और नक्शे जैसे दस्तावेज डिजिटल सिग्नेचर के साथ ऑनलाइन मिलेंगे, जो बैंक लोन और कोर्ट के कामों में मान्य होंगे। इसके अलावा, पूरे राज्य में चल रहे जमीन सर्वे की समय सीमा बढ़ाकर जुलाई 2026 कर दी गई है ताकि लोगों को परेशानी न हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ई-मापी (e-maapi) के लिए आवेदन कैसे करें और इसकी फीस क्या है?
landowners www.emapi.bihar.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ग्रामीण इलाकों के लिए फीस 500 रुपये और शहरी इलाकों के लिए 1,000 रुपये तय है, जबकि तत्काल सेवा के लिए दोगुनी फीस देनी होगी।
जमीन के डिजिटल दस्तावेजों की मान्यता क्या है?
डिजिटल सिग्नेचर वाले ऑनलाइन दस्तावेज अब पूरी तरह कानूनी रूप से मान्य हैं। इनका उपयोग बैंक से लोन लेने और कोर्ट की कानूनी कार्यवाही के लिए किया जा सकता है।