Bihar: बिहार सरकार राज्य में जमीन से जुड़े लाखों लोगों की समस्याओं को दूर करने जा रही है। भूमि अभिलेखों में सुधार, म्यूटेशन और बंटवारे जैसे 46 लाख लंबित आवेदनों को निपटाने के लिए 11 जून से 17 जून, 2026 तक एक विशेष अभियान
Bihar: बिहार सरकार राज्य में जमीन से जुड़े लाखों लोगों की समस्याओं को दूर करने जा रही है। भूमि अभिलेखों में सुधार, म्यूटेशन और बंटवारे जैसे 46 लाख लंबित आवेदनों को निपटाने के लिए 11 जून से 17 जून, 2026 तक एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि इस दौरान रविवार को भी सरकारी दफ्तर खुले रहेंगे ताकि काम तेजी से पूरा हो सके।
इस विशेष अभियान में क्या-क्या काम होंगे
इस अभियान का मुख्य मकसद उन रैयतों को राहत देना है जिनके आवेदन लंबे समय से अटके हुए हैं। इसमें मुख्य रूप से भूमि अभिलेखों में सुधार, उत्तराधिकार के आधार पर नामांतरण (Mutation) और बंटवारे से जुड़े मामलों का निपटारा किया जाएगा। सरकार ने तय किया है कि सभी लंबित आवेदनों की पूरी तरह से स्कैनिंग की जाएगी और उन्हें संबंधित पोर्टलों पर अपलोड किया जाएगा, जिसके बाद उनका त्वरित निष्पादन होगा।
किन अधिकारियों की होगी जिम्मेदारी और क्या है चेतावनी
इस पूरे अभियान की निगरानी जिलाधिकारी करेंगे। अंचल अधिकारी (CO) और राजस्व अधिकारी (RO) को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्तर पर लक्ष्यों को पूरा करें। मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने साफ कहा है कि काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लक्ष्य पूरा करना संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। हालांकि, शिवहर, शेखपुरा, लखीसराय, जहानाबाद और अरवल जिलों को इस अभियान से अलग रखा गया है क्योंकि वहां भूमि सर्वे का काम 15 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य है।
सरकारी जमीन की सुरक्षा और ऑनलाइन सेवाओं पर जोर
मंत्री ने स्पष्ट किया है कि अब विभाग की सभी सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन हैं और कोई भी ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही, सरकारी जमीनों की अवैध खरीद-बिक्री रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं। गैर मजरूआ आम भूमि को रोक सूची में शामिल किया जाएगा ताकि सरकारी जमीन सुरक्षित रहे और आम जनता को जमीन संबंधी विवादों से मुक्ति मिले।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में जमीन के लंबित आवेदनों के लिए विशेष अभियान कब से कब तक चलेगा
यह विशेष अभियान 11 जून से 17 जून, 2026 तक चलेगा। इस दौरान रविवार को भी कार्यालय खुले रहेंगे ताकि 46 लाख लंबित आवेदनों का जल्द निपटारा हो सके।
किन जिलों को इस अभियान से बाहर रखा गया है और क्यों
शिवहर, शेखपुरा, लखीसराय, जहानाबाद और अरवल जिलों को इस अभियान से बाहर रखा गया है क्योंकि इन जिलों में भूमि सर्वे का काम 15 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।