Bihar: बिहार सरकार ने आम जनता और किसानों के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। सोमवार, 8 जून 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में जमीन की मापी शुल्क को दोगुना करने के साथ-साथ नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
Bihar: बिहार सरकार ने आम जनता और किसानों के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। सोमवार, 8 जून 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में जमीन की मापी शुल्क को दोगुना करने के साथ-साथ नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की वापसी को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का सीधा असर राज्य के लाखों किसानों और जमीन मालिकों पर पड़ेगा।
जमीन मापी की नई दरें क्या हैं?
कैबिनेट सचिवालय के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में जमीन नपवाने का खर्च अब बढ़ गया है। सामान्य मापी और तत्काल मापी के लिए अलग-अलग रेट तय किए गए हैं।
| क्षेत्र |
सामान्य मापी शुल्क |
तत्काल मापी शुल्क |
| शहरी क्षेत्र |
₹2,000 प्रति प्लॉट (अधिकतम ₹8,000) |
₹4,000 प्रति प्लॉट (अधिकतम ₹16,000) |
| ग्रामीण क्षेत्र |
₹1,000 प्रति प्लॉट (अधिकतम ₹4,000) |
₹2,000 प्रति प्लॉट (अधिकतम ₹8,000) |
किसानों और मजदूरों के लिए क्या बदला?
सरकार 1 जुलाई 2026 से ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ शुरू करेगी। इसमें ग्रामीण मजदूरों को साल में 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी, जो मनरेगा की जगह लेगा। साथ ही, रबी सीजन 2026-27 से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) की वापसी होगी। अब फसल नुकसान होने पर किसानों को सीधे उनके बैंक खाते में मुआवजा मिलेगा और इसमें जमीन की कोई अधिकतम सीमा नहीं होगी।
रजिस्ट्री दफ्तर और चीनी मिल पर बड़ा फैसला
बिहार के सभी रजिस्ट्री दफ्तरों को अब पूरी तरह पेपरलेस बनाया जाएगा ताकि बिचौलियों की भूमिका खत्म हो और काम तेजी से हो। इसके अलावा, गोपालगंज की सासामूसा चीनी मिल को फिर से चलाने की तैयारी है। सरकार ने गन्ना किसानों के पुराने बकाये के लिए 42.99 करोड़ रुपये देने की मंजूरी दी है, जिससे मिल के दोबारा खुलने का रास्ता साफ हो गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में अब जमीन नपवाने के लिए कितना पैसा देना होगा?
ग्रामीण इलाकों में सामान्य मापी के लिए ₹1,000 और शहरी इलाकों में ₹2,000 प्रति प्लॉट देने होंगे। तत्काल मापी के लिए यह शुल्क ग्रामीण क्षेत्रों में ₹2,000 और शहरी क्षेत्रों में ₹4,000 होगा।
नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना कब से लागू होगी?
विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) 1 जुलाई 2026 से लागू होगा, जिसमें मजदूरों को साल में 125 दिन के काम की गारंटी मिलेगी।