Bihar में कुख्यात भू-माफिया संतोष डॉन गिरफ्तार, पटना और नालंदा में फैला रखा था आतंक

Bihar: पटना और नालंदा इलाके में दहशत का पर्याय बन चुके कुख्यात जमीन माफिया संजय कुमार उर्फ संतोष डॉन को बिहार एसटीएफ और एसओजी ने गिरफ्तार कर लिया है। 18 जुलाई 2026 को हुई इस कार्रवाई के बाद आरोपी को पटना के खुसरूपुर थाने

Bihar: पटना और नालंदा इलाके में दहशत का पर्याय बन चुके कुख्यात जमीन माफिया संजय कुमार उर्फ संतोष डॉन को बिहार एसटीएफ और एसओजी ने गिरफ्तार कर लिया है। 18 जुलाई 2026 को हुई इस कार्रवाई के बाद आरोपी को पटना के खुसरूपुर थाने के हवाले कर दिया गया। संतोष डॉन पर हत्या के प्रयास, रंगदारी और जमीन हड़पने जैसे दो दर्जन से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं।

संतोष डॉन ने 2015 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था। वह गरीब किसानों और आम लोगों की जमीन हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। इतना ही नहीं, जमीन मालिकों को डराने के लिए वह जानबूझकर सड़क दुर्घटनाएं भी करवाता था ताकि वे डरकर अपनी जमीन उसके नाम कर दें। उसने अपने गांव के लोगों और यहां तक कि अपने रिश्तेदारों के घरों पर भी कब्जा कर रखा था।

आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच में सामने आया कि संतोष डॉन ने अपराध के जरिए करीब 11.50 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति बनाई है। जून और जुलाई में उसकी पटना, नालंदा और मुजफ्फरपुर स्थित 25 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। इस दौरान पुलिस ने 5.60 लाख रुपये नकद, एक फॉर्च्यूनर, एक स्कॉर्पियो और एक महिंद्रा जीप जब्त की। संतोष डॉन की पत्नी अंजू देवी खुसरूपुर की प्रखंड प्रमुख हैं और परिवार के नाम पर करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ है।

गिरफ्तारी के समय पुलिस ने उसके पास से एक देसी पिस्तौल, मैगजीन, तीन कारतूस और 18,900 रुपये नकद बरामद किए हैं। संतोष डॉन के साथ उसके चार सहयोगी राकेश साहू, रंजीत सिंह, शशिभूषण कुमार और रवींद्र कुमार को भी पकड़ा गया है। बता दें कि वह 2026 में पटना के टॉप-10 अपराधियों की लिस्ट में था और दिसंबर 2025 में साड़ी पहनकर पुलिस को चकमा देकर भागा था। अब पटना पुलिस ने इस मामले को मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत ईडी (ED) को भेजने का प्रस्ताव तैयार किया है।