Bihar: बिहार सरकार ने जमीन से जुड़े पुराने और लंबित मामलों को खत्म करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल के निर्देश पर पूरे राज्य में 11 जून से 17 जून 2026 तक विशेष अभियान चलाया जाए
Bihar: बिहार सरकार ने जमीन से जुड़े पुराने और लंबित मामलों को खत्म करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल के निर्देश पर पूरे राज्य में 11 जून से 17 जून 2026 तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस कैंप का मुख्य मकसद लोगों की जमीन से जुड़ी समस्याओं को महज एक हफ्ते के भीतर सुलझाना है।
कैंप में कैसे होगा मामलों का निपटारा और क्या है समय सीमा
इस अभियान के तहत सभी लंबित आवेदनों को 7 दिनों के भीतर निपटाना अनिवार्य कर दिया गया है। अंचलाधिकारी (CO) और राजस्व अधिकारियों को इसकी पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। भू-मापी के लिए अब ऑनलाइन आवेदन करना जरूरी होगा। अगर जमीन अविवादित है, तो उसकी मापी अधिकतम 7 दिनों में और विवादित भूमि की मापी 11 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी। मापी की रिपोर्ट को 14 दिनों के अंदर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
मापी शुल्क और आवेदन की जरूरी शर्तें क्या हैं
अविवादित मामलों में आवेदन के साथ मापी शुल्क जमा करना होगा। ग्रामीण इलाकों में यह शुल्क 500 रुपये प्रति खेसरा और शहरी क्षेत्रों में 1000 रुपये प्रति खेसरा तय किया गया है। अगर कोई तत्काल मापी चाहता है, तो उसे यह राशि दोगुनी देनी होगी। विभाग ने साफ किया है कि केवल उन्हीं मामलों को लंबित माना जाएगा जिनमें कोर्ट से स्टे ऑर्डर या अस्थाई निषेधाज्ञा मिली हो, बाकी सभी का निपटारा समय पर करना होगा।
भ्रष्टाचार पर सख्ती और अधिकारियों की कार्रवाई
मंत्री दिलीप जायसवाल ने साफ कहा है कि जनता के काम में देरी या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाल ही में लापरवाही बरतने वाले 10 राजस्व अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की मंजूरी दी गई है, जिसमें एक की बर्खास्तगी की सिफारिश भी शामिल है। इसके अलावा, ई-मापी के 45,000 लंबित मामलों को जल्द निपटाने के लिए आउटसोर्सिंग के जरिए प्रशिक्षित अमीनों की नियुक्ति की योजना भी बनाई गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जमीन मापी के लिए कितना शुल्क देना होगा?
ग्रामीण क्षेत्रों में 500 रुपये प्रति खेसरा और शहरी क्षेत्रों में 1000 रुपये प्रति खेसरा शुल्क देना होगा। तत्काल मापी के लिए यह राशि दोगुनी होगी।
विवादित और अविवादित जमीन की मापी में कितना समय लगेगा?
अविवादित भूमि की मापी अधिकतम 7 दिनों में और विवादित भूमि की मापी 11 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी।