Bihar: बिहार में अब जमीन खरीदना और उसकी रजिस्ट्री कराना महंगा हो सकता है। नए मंत्री Madan Sahni ने पदभार संभालते ही जमीन के सर्किल रेट में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं। सरकार का मानना है कि बाजार में जमीन की कीमतें बहुत बढ़
Bihar: बिहार में अब जमीन खरीदना और उसकी रजिस्ट्री कराना महंगा हो सकता है। नए मंत्री Madan Sahni ने पदभार संभालते ही जमीन के सर्किल रेट में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं। सरकार का मानना है कि बाजार में जमीन की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं, लेकिन सरकारी रेट पुराने हैं, जिसे अब अपडेट किया जाएगा।
जमीन के दाम क्यों बढ़ रहे हैं और कितना होगा असर
मंत्री Madan Sahni ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में सर्किल रेट आखिरी बार 2013 में और शहरी इलाकों में 2016 में बदला गया था। सड़क किनारे की जमीनों के दाम बाजार में काफी बढ़ चुके हैं। सरकार अब इसकी समीक्षा करेगी ताकि सरकारी राजस्व बढ़ सके और टैक्स चोरी रुके। कुछ इलाकों में सर्किल रेट 300 से 400 प्रतिशत तक बढ़ सकता है, जबकि कम अंतर वाले क्षेत्रों में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
डिजिटलाइजेशन और पुराने दस्तावेजों का क्या होगा
मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को तकनीक का ज्यादा इस्तेमाल करने और डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया तेज करने को कहा है। उन्होंने जानकारी दी कि 1995 से 2026 तक के करीब 234 करोड़ दस्तावेजों को डिजिटल कर लिया गया है। अब 1908 से 1995 तक के पुराने कागजों को तीन चरणों में डिजिटल किया जा रहा है, जिससे लोगों को पुराने दस्तावेज आसानी से मिल सकेंगे।
सर्किल रेट बढ़ने से आम आदमी पर क्या प्रभाव पड़ेगा
जब सर्किल रेट बढ़ता है, तो रजिस्ट्री के समय सरकार को दिया जाने वाला स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क भी बढ़ जाता है। इससे जमीन खरीदने वालों की जेब पर असर पड़ेगा, लेकिन सरकारी जमीन की कीमतें भी बाजार के हिसाब से बढ़ेंगी। इस कदम से रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और लोग बाजार भाव से कम कीमत दिखाकर टैक्स चोरी नहीं कर पाएंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में सर्किल रेट कब बढ़ेगा और कितना बढ़ सकता है
मंत्री Madan Sahni ने समीक्षा के बाद रेट बढ़ाने की बात कही है। कुछ क्षेत्रों में यह बढ़ोतरी 300 से 400 प्रतिशत तक हो सकती है, जबकि अन्य जगहों पर 50 प्रतिशत तक की वृद्धि संभव है।
पुराने जमीन के कागजात कैसे मिलेंगे
सरकार 1908 से 1995 तक के पुराने दस्तावेजों का डिजिटलाइजेशन तीन चरणों में कर रही है, जिससे भविष्य में इन्हें ऑनलाइन या आसानी से प्राप्त किया जा सकेगा।