Bihar: किशनगंज जिले को नशे के कारोबार से मुक्त करने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। यहां बिहार की पहली जिला-स्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) का गठन किया गया है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने 10 मई 2
Bihar: किशनगंज जिले को नशे के कारोबार से मुक्त करने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। यहां बिहार की पहली जिला-स्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) का गठन किया गया है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने 10 मई 2026 को इसकी घोषणा की। यह टीम विशेष रूप से ‘सूखे नशे’ के नेटवर्क को खत्म करने पर काम करेगी।
ANTF का प्लान और काम करने का तरीका क्या होगा?
पुलिस ने साफ किया है कि यह टीम सिर्फ गिरफ्तारियां नहीं करेगी, बल्कि नशे के पूरे नेटवर्क को जड़ से मिटाएगी। ANTF तस्करों की फंडिंग और उनके सरगनाओं की पहचान करेगी। साथ ही, उन अपराधियों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी जो जेल से छूट चुके हैं या भविष्य में रिहा होंगे, ताकि वे दोबारा इस काले कारोबार में न लौट सकें।
नशे के खिलाफ क्या-क्या सख्त कदम उठाए जाएंगे?
- संपत्ति जब्ती: तस्करी में शामिल लोगों की अवैध संपत्ति को जब्त किया जाएगा।
- स्पीडी ट्रायल: गिरफ्तार तस्करों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस चलाया जाएगा।
- जागरूकता: स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक जगहों पर युवाओं को नशे के नुकसान बताए जाएंगे।
- हेल्पलाइन: पुलिस जल्द ही एक नंबर जारी करेगी जिससे लोग गुप्त रूप से जानकारी दे सकेंगे।
- पुनर्वास: नशे की लत वाले लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों में भेजने की मदद की जाएगी।
टीम में कौन-कौन शामिल हैं और कौन करेगा नेतृत्व?
इस विशेष टास्क फोर्स का नेतृत्व SDPO मंगलेश कुमार सिंह करेंगे और इंस्पेक्टर राजू को टीम का प्रभारी बनाया गया है। इस पूरी टीम में कुल 12 पुलिस अधिकारी और जवान शामिल हैं, जिन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। यह टीम खुफिया जानकारी जुटाने के बाद ही छापेमारी और कानूनी कार्रवाई करेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
किशनगंज में ANTF का गठन क्यों किया गया है?
इसका मुख्य उद्देश्य जिले को सूखे नशे के कारोबार से मुक्त करना और तस्करी करने वाले गिरोहों, उनकी फंडिंग और सरगनाओं को पकड़कर अवैध कारोबार को पूरी तरह खत्म करना है।
आम लोग नशे की तस्करी की जानकारी कैसे दे सकते हैं?
किशनगंज पुलिस जल्द ही एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी करने वाली है, जिसके जरिए आम नागरिक गुप्त रूप से तस्करी या नशे के सेवन की जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकेंगे।