Bihar के किशनगंज जिले के ठाकुरगंज में जनगणना 2027 को लेकर जागरूकता अभियान शुरू हो गया है. यहां वार्ड पार्षद घर-घर जाकर लोगों को स्व-गणना (Self-enumeration) के लिए प्रेरित कर रहे हैं. इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी
Bihar के किशनगंज जिले के ठाकुरगंज में जनगणना 2027 को लेकर जागरूकता अभियान शुरू हो गया है. यहां वार्ड पार्षद घर-घर जाकर लोगों को स्व-गणना (Self-enumeration) के लिए प्रेरित कर रहे हैं. इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी, जिससे आम नागरिक घर बैठे अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकेंगे और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहेगी.
डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया और जरूरी तारीखें क्या हैं?
भारत की यह 16वीं जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी. पहले चरण में मकानों की लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना का काम चल रहा है, जो सितंबर 2026 तक चलेगा. ठाकुरगंज में हाउस लिस्टिंग का काम 2 मई से 30 मई तक होगा. वहीं, जनसंख्या गणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा, लेकिन बर्फबारी वाले इलाकों में यह काम सितंबर 2026 में ही कर लिया जाएगा.
स्व-गणना पोर्टल का इस्तेमाल कैसे करें और नियम क्या हैं?
नागरिक आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर अपनी जानकारी खुद भर सकते हैं. किशनगंज जैसे इलाकों में यह पोर्टल 17 अप्रैल से 1 मई तक सक्रिय था. जनगणना अधिनियम 1948 के तहत इसमें हिस्सा लेना अनिवार्य है और गलत जानकारी देना अपराध माना जाएगा. इस बार पहली बार 1931 के बाद से विस्तृत जाति गणना भी की जाएगी. सरकार ने स्पष्ट किया है कि व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा और इसे किसी अदालत में सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.
प्रशासन और सरकार ने क्या तैयारी की है?
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने ‘मन की बात’ में इसे दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल जनगणना बताया है. केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw ने इसके लिए 11,718 करोड़ रुपये के बजट की मंजूरी दी है. ठाकुरगंज में 84 सुपरवाइजर्स को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं. जिला मजिस्ट्रेट Vishal Raj और अन्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग करें ताकि डेटा सटीक रहे और देश के विकास की योजनाएं बेहतर बन सकें.
Frequently Asked Questions (FAQs)
Census 2027 में स्व-गणना (Self-enumeration) क्या है?
इसका मतलब है कि नागरिक सरकारी पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर खुद अपनी और अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं, जिससे उन्हें किसी अधिकारी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
क्या जनगणना में जानकारी देना जरूरी है?
हाँ, Census Act 1948 के तहत जनगणना में भाग लेना अनिवार्य है और सही जानकारी देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।