Bihar में खास महाल की जमीन पर बसे लोगों को मिलेगा मालिकाना हक, हजारों परिवारों की होगी बल्ले-बल्ले

Bihar: बिहार सरकार ने खास महाल की जमीन पर सालों से रह रहे लोगों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब इन जमीनों को फ्रीहोल्ड किया जाएगा जिससे वहां रहने वाले परिवारों को जमीन का मालिकाना हक मिल सकेगा। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत

Bihar: बिहार सरकार ने खास महाल की जमीन पर सालों से रह रहे लोगों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब इन जमीनों को फ्रीहोल्ड किया जाएगा जिससे वहां रहने वाले परिवारों को जमीन का मालिकाना हक मिल सकेगा। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि यह कदम उन हजारों परिवारों के लिए राहत लेकर आएगा जो दशकों से बिना कानूनी कागजों के इन जमीनों पर बसे हुए हैं।

खास महाल की जमीन असल में सरकारी संपत्ति होती है जिसे ब्रिटिश काल में 30, 66 या 99 साल की लीज पर दिया गया था। राज्य के 12 जिलों में करीब 4,200 एकड़ ऐसी जमीन है। अकेले पटना में ही 137 एकड़ जमीन है जिस पर 10,000 से ज्यादा परिवार रहते हैं। सासाराम, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिलों में भी लोग 60-70 सालों से यहां रह रहे हैं। सरकार अब 15 अगस्त 2026 के बाद जमीन मालिकों से बात करेगी कि बाजार भाव का कितना प्रतिशत पैसा लेकर जमीन को फ्रीहोल्ड किया जाए।

जमीन के साथ-साथ सरकार राजस्व विभाग में कर्मचारियों की कमी को भी दूर करने जा रही है। इसके लिए बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) को 8,054 राजस्व कर्मचारी और 765 अमीन की भर्ती के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। फिलहाल राज्य में अमीन के स्वीकृत पदों में से आधे से भी कम लोग काम कर रहे हैं। इसके अलावा ग्राम कचहरी और हल्का स्तर पर डेटा एंट्री ऑपरेटरों की नियुक्ति पर भी विचार चल रहा है।

भूमि प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए सरकार कई अन्य काम भी कर रही है। अरवल, जहानाबाद, लखीसराय, शिवहर और शेखपुरा में 15 अगस्त 2026 तक विशेष भूमि सर्वेक्षण पूरा करने का लक्ष्य है। साथ ही अभियान बसेरा-2 के तहत अब तक 71,569 भूमिहीन परिवारों को वासभूमि दी जा चुकी है और आने वाले समय में 30,000 और परिवारों को जमीन के पर्चे दिए जाएंगे। भ्रष्टाचार रोकने के लिए अब ऑफलाइन रसीदें बंद कर दी गई हैं और केवल ऑनलाइन रसीद ही मान्य होंगी।