Bihar : कटिहार जिले के कई गांवों में लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यहां हजारों लोग, जिनमें छोटे बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं, नदी पार करने के लिए बांस की बल्लियों से बने अस्थायी पुलों या नावों का इस
Bihar : कटिहार जिले के कई गांवों में लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यहां हजारों लोग, जिनमें छोटे बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं, नदी पार करने के लिए बांस की बल्लियों से बने अस्थायी पुलों या नावों का इस्तेमाल करते हैं। स्कूल जाने वाले छात्रों से लेकर अस्पताल जाने वाले मरीजों तक, सभी को अपनी जान जोखिम में डालकर इन खतरनाक रास्तों से गुजरना पड़ता है।
किन इलाकों में है यह समस्या और कौन हैं प्रभावित
यह समस्या मुख्य रूप से मनसाही प्रखंड की कुरेठा पंचायत के पंचवर्गा गांव और गोबरा घाट, प्राणपुर प्रखंड की फुलाहरा पंचायत, अमदाबाद, बरारी और कोढ़ा प्रखंडों में है। कमला नदी, सोसाधार नदी और नागर कुलिक नदी इन क्षेत्रों के लिए बड़ी बाधा बनी हुई हैं। लगभग 350 से 450 घरों की आबादी इससे सीधे तौर पर प्रभावित है। गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है, यहाँ तक कि अंतिम संस्कार के लिए भी शवों को नदी पार ले जाना पड़ता है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने क्या कहा
कटिहार के DM आशुतोष द्विवेदी ने मामले का संज्ञान लिया है और कमला नदी पर पुल बनाने की पहल का भरोसा दिया है। जब तक स्थायी पुल नहीं बनता, तब तक उन्होंने लोगों की सुरक्षा के लिए निःशुल्क सरकारी नाव सेवा शुरू करने का निर्देश दिया है। वहीं, कोढ़ा विधायक कविता पासवान ने बताया कि तकनीकी कारणों से काम रुका था, लेकिन अब प्राथमिकता के आधार पर पुल निर्माण कराया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय नेता वादे तो करते हैं, लेकिन बाद में कोई सुनवाई नहीं होती।
हादसों का खतरा और मौजूदा स्थिति
बरसात के दिनों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से स्थिति और खराब हो जाती है। 7 मई 2026 को बरसोई ब्लॉक के तारापुर घाट पर नागर कुलिक नदी का बांस का पुल बह गया था, जिससे कई लोग बाल-बाल बचे। कुछ जगहों पर नए पुल से पहले पुराने पुल हटा दिए गए और कमजोर डायवर्जन भी बह गए, जिससे लोग फिर से चचरी पुलों पर निर्भर हो गए। इसके अलावा, बिजली विभाग की लापरवाही से कई ग्रामीण खेतों तक हाईवोल्टेज तार बांस के सहारे ले जा रहे हैं, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कटिहार के किन प्रखंडों में नदी पार करने की समस्या सबसे ज्यादा है
यह समस्या मुख्य रूप से मनसाही, प्राणपुर, अमदाबाद, बरारी और कोढ़ा प्रखंडों में है, जहां कमला, सोसाधार और नागर कुलिक नदियों के कारण आवागमन बाधित रहता है।
प्रशासन ने लोगों की सुविधा के लिए क्या वैकल्पिक इंतजाम किए हैं
DM आशुतोष द्विवेदी ने स्थायी पुल बनने तक लोगों को जोखिम से बचाने के लिए निःशुल्क सरकारी नाव सेवा शुरू करने का निर्देश दिया है।