Bihar: बिहार में कम उम्र के बच्चों का अपराध की दुनिया में जाना एक बड़ी चिंता बन गया है। National Crime Records Bureau (NCRB) की नई रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में नाबालिगों द्वारा किए गए अपराधों में भारी बढ़ोतरी हुई है। अब
Bihar: बिहार में कम उम्र के बच्चों का अपराध की दुनिया में जाना एक बड़ी चिंता बन गया है। National Crime Records Bureau (NCRB) की नई रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में नाबालिगों द्वारा किए गए अपराधों में भारी बढ़ोतरी हुई है। अब यहाँ हर दिन औसतन 13 केस दर्ज किए जा रहे हैं, जो आम जनता और अभिभावकों के लिए खतरे की घंटी है।
नाबालिगों द्वारा किए गए अपराधों के आंकड़े क्या कहते हैं?
NCRB की ‘Crime in India 2024’ रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 में बिहार में नाबालिगों ने कुल 5,037 अपराध किए। यह आंकड़ा 2023 के 1,818 केस के मुकाबले 177% ज्यादा है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि नाबालिगों द्वारा हत्या के प्रयास और शादी के लिए अपहरण के मामलों में बिहार पूरे देश में पहले नंबर पर है।
हिंसक अपराधों में कितनी हुई बढ़ोतरी?
राज्य में केवल नाबालिग ही नहीं, बल्कि कुल हिंसक अपराधों में भी बड़ी उछाल आई है। साल 2024 में हिंसक घटनाओं के 1,07,000 से ज्यादा केस दर्ज हुए, जबकि 2023 में यह संख्या 52,165 थी। यह बढ़ोतरी लगभग 105% तक पहुँच गई है। इन मामलों को लेकर बिहार पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि वे NCRB के डेटा का विश्लेषण करने के बाद ही इस पर कोई आधिकारिक बयान देंगे।
कानूनी प्रक्रिया और मौजूदा स्थिति
नाबालिगों द्वारा किए गए इन अपराधों की सुनवाई Juvenile Justice (Care and Protection) Act, 2015 के तहत की जाती है। राज्य में बढ़ते क्राइम ग्राफ ने पुलिस और प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। खासकर हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में बच्चों की संलिप्तता समाज के लिए एक गंभीर मुद्दा बन गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
NCRB की रिपोर्ट के अनुसार बिहार में नाबालिगों के कितने केस दर्ज हुए?
साल 2024 में बिहार में नाबालिगों द्वारा किए गए अपराधों के 5,037 केस दर्ज हुए, जो 2023 के 1,818 केस से 177% अधिक हैं।
नाबालिगों के किन अपराधों में बिहार देश में नंबर-1 है?
बिहार नाबालिगों द्वारा किए गए हत्या के प्रयास और शादी के लिए अपहरण के मामलों में पूरे भारत में पहले स्थान पर है।