Bihar: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 33वीं बिहार न्यायिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब परीक्षार्थियों को प्रश्नों के जवाब देने के लिए पांच विकल्प मिलेंगे और गलत उत्तर देने पर नेगे
Bihar: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 33वीं बिहार न्यायिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब परीक्षार्थियों को प्रश्नों के जवाब देने के लिए पांच विकल्प मिलेंगे और गलत उत्तर देने पर नेगेटिव मार्किंग भी होगी। ये नए नियम 3 जून 2026 को होने वाली परीक्षा से लागू होंगे, जिससे तैयारी कर रहे छात्रों पर असर पड़ेगा।
क्या हैं नए विकल्प और नेगेटिव मार्किंग के नियम?
BPSC ने अब बहुविकल्पीय प्रश्नों में चार के बजाय पांच विकल्प (A, B, C, D, E) देने का फैसला किया है। विकल्प ‘E’ का मतलब होगा कि अभ्यर्थी ने उस प्रश्न का प्रयास नहीं किया है। अगर कोई छात्र किसी सवाल का जवाब नहीं देना चाहता, तो उसे अनिवार्य रूप से विकल्प ‘E’ को चुनना होगा। यदि कोई अभ्यर्थी प्रश्न का उत्तर नहीं देता और विकल्प ‘E’ को भी नहीं चुनता, तो उसके एक-तिहाई (1/3) अंक काट लिए जाएंगे।
परीक्षा के समय और तारीख में क्या बदलाव हुए हैं?
परीक्षा 3 जून 2026 को पटना जिले के विभिन्न केंद्रों पर दो पालियों में होगी। आयोग ने परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए समय सीमा बढ़ा दी है। अब पहली पाली (सामान्य अध्ययन) सुबह 10:00 बजे से 11:40 बजे तक चलेगी, जिसमें 10 मिनट अतिरिक्त दिए गए हैं। वहीं, दूसरी पाली (विधि विषय) दोपहर 02:00 बजे से 04:15 बजे तक होगी, जिसमें 15 मिनट का अतिरिक्त समय बढ़ाया गया है।
BPSC ने यह बदलाव क्यों किए?
आयोग ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। इससे परीक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी और केवल योग्य अभ्यर्थी ही सफल हो पाएंगे। यह निर्णय हाल ही में 18 और 19 मई 2026 को लिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
33वीं बिहार न्यायिक सेवा परीक्षा कब आयोजित होगी?
यह परीक्षा 3 जून 2026 को पटना जिले के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की जाएगी।
नेगेटिव मार्किंग का नियम क्या है?
अगर अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देता और विकल्प ‘E’ (Not Attempted) का चयन भी नहीं करता है, तो उस प्रश्न के लिए 1/3 अंक की नेगेटिव मार्किंग की जाएगी।