Bihar: बिहार और झारखंड के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने बिहार के 8 जिलों में भारी बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं झारखंड के कई इलाकों में भी तेज आं
Bihar: बिहार और झारखंड के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने बिहार के 8 जिलों में भारी बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं झारखंड के कई इलाकों में भी तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे आम जनजीवन पर असर पड़ सकता है।
बिहार के किन जिलों में रेड अलर्ट जारी हुआ है?
मौसम विभाग ने बेगूसराय, लखीसराय, जमुई, बांका, अरवल, औरंगाबाद, गया और जहानाबाद जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में बिजली कड़कने के साथ ओले गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। इसके अलावा पटना समेत 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और राज्य के सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 13 मई को राज्य के कई हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
झारखंड में मौसम का क्या हाल रहेगा?
झारखंड में 17 मई तक मौसम बदला हुआ रहेगा। रांची और 13 अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 15 मई को पूरे राज्य में येलो अलर्ट है, जिसमें बारिश और गरज-चमक की संभावना है। हाल ही में खूंटी में सबसे ज्यादा 2.5 mm बारिश दर्ज की गई, जबकि डालटनगंज सबसे गर्म रहा जहां तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
सुरक्षित रहने के लिए प्रशासन ने क्या सलाह दी है?
Disaster Management Department ने लोगों को बिजली कड़कने के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल कम करने और बिजली के उपकरणों से दूर रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने कहा है कि तूफान के समय लोग घरों के अंदर रहें और पेड़ों, बिजली के खंभों या खुले मैदानों में जाने से बचें। किसानों को भी विशेष तौर पर हिदायत दी गई है कि वे बिजली कड़कने और तेज हवाओं के दौरान खेतों में न जाएं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार के किन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा है?
बेगूसराय, लखीसराय, जमुई, बांका, अरवल, औरंगाबाद, गया और जहानाबाद में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जहां भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।
खराब मौसम के दौरान क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
बिजली कड़कने पर मोबाइल का इस्तेमाल न करें, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहें और किसानों को खेतों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।