Bihar, Jharkhand और West Bengal के रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। साहिबगंज-भागलपुर और मालदा टाउन-आजिमगंज रेलखंड पर बार-बार हो रही चेन पुलिंग ने रेलवे की समय सारणी को बुरी तरह प्रभावित किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 मे
Bihar, Jharkhand और West Bengal के रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। साहिबगंज-भागलपुर और मालदा टाउन-आजिमगंज रेलखंड पर बार-बार हो रही चेन पुलिंग ने रेलवे की समय सारणी को बुरी तरह प्रभावित किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक मालदा मंडल की 231 ट्रेनों का टाइम टेबल बिगड़ चुका है। रेलवे ने इसे एक गंभीर चुनौती माना है और सुरक्षा बल को निर्देश दिए हैं कि बिना वजह चेन खींचने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि आम यात्रियों का सफर सुरक्षित और समय पर पूरा हो सके।
किन रूटों पर सबसे ज्यादा असर और रेलवे की क्या है तैयारी?
साहिबगंज-भागलपुर और मालदा टाउन-आजिमगंज रेलखंड पर अवैध चेन पुलिंग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को इन रेलखंडों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। ‘ऑपरेशन समय पालन’ के तहत रेलवे अब उन इलाकों पर ज्यादा ध्यान दे रहा है जहां ट्रेनें बिना किसी स्टेशन के रुक रही हैं। रेलवे ने साफ किया है कि बेवजह चेन खींचने से न केवल एक ट्रेन बल्कि उसके पीछे चलने वाली दर्जनों ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ता है, जिससे हजारों मुसाफिरों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
चेन पुलिंग पर हुई कार्रवाई और जुर्माने का पूरा ब्योरा
रेलवे प्रशासन ने पिछले कुछ समय में अवैध तरीके से चेन खींचने वालों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया है। उत्तर रेलवे से लेकर पूर्व मध्य रेलवे तक हजारों लोगों पर कार्रवाई की गई है, जिसकी जानकारी नीचे दी गई है:
| रेलवे मंडल/क्षेत्र |
कार्रवाई का विवरण |
वसूला गया जुर्माना |
| उत्तर रेलवे (2025) |
14,000 से अधिक लोग जेल भेजे गए |
58 लाख रुपये से अधिक |
| पूर्व मध्य रेलवे (मार्च 2026) |
514 लोगों पर कार्रवाई |
1.46 लाख रुपये |
| दानापुर मंडल |
230 लोगों पर कार्रवाई |
– |
| समस्तीपुर मंडल |
101 लोगों पर कार्रवाई |
– |
किन हालात में चेन खींचना सही है और क्या हैं कानूनी नियम?
भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार केवल आपातकालीन स्थितियों में ही अलार्म चेन का इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर कोई यात्री बिना किसी ठोस वजह के चेन खींचता है, तो उसे जेल की हवा खानी पड़ सकती है। इन स्थितियों में ही चेन खींचना वैध माना जाता है:
- मेडिकल इमरजेंसी: जब किसी यात्री की अचानक तबीयत बहुत खराब हो जाए।
- सुरक्षा का संकट: ट्रेन में डकैती, चोरी या किसी तरह की हिंसा होने पर।
- हादसे का डर: अगर ट्रेन के डिब्बे में आग लग गई हो या कोई बड़ा तकनीकी खतरा दिखे।
- बुजुर्ग या बच्चे का छूटना: यदि कोई बच्चा, बुजुर्ग या दिव्यांग यात्री स्टेशन पर ही रह गया हो और ट्रेन चल पड़ी हो।