Bihar के जहानाबाद में शहीद पायलट की सहायता राशि पर विवाद, कोर्ट मैरिज और 21 लाख के चेक को लेकर पिता ने मांगी जांच
Bihar/Jehanabad: जहानाबाद के शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार की शहादत के बाद मिलने वाली सरकारी सहायता राशि अब विवाद का कारण बन गई है. 21 लाख रुपये के चेक को लेकर परिवार और प्रशासन के बीच खींचतान चल रही है. जहां प्रशासन
Bihar/Jehanabad: जहानाबाद के शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार की शहादत के बाद मिलने वाली सरकारी सहायता राशि अब विवाद का कारण बन गई है. 21 लाख रुपये के चेक को लेकर परिवार और प्रशासन के बीच खींचतान चल रही है. जहां प्रशासन इसे कानूनी प्रक्रिया बता रहा है, वहीं शहीद के पिता ने इसे धोखा करार दिया है.
मामला तब शुरू हुआ जब हुलासगंज के अंचल अधिकारी (CO) ने 21 लाख रुपये की अनुग्रह राशि श्रेया राय को सौंप दी. प्रशासन का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड में श्रेया राय, शुभम कुमार की पत्नी हैं, इसलिए नियमानुसार यह राशि उन्हें दी गई. जहानाबाद के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) राजीव रंजन सिन्हा ने साफ किया कि विभागीय दस्तावेजों के आधार पर श्रेया राय ही कानूनी पत्नी हैं.
दूसरी तरफ, शहीद के पिता अमरेंद्र शर्मा का कहना है कि उन्हें इस कोर्ट मैरिज की कोई जानकारी नहीं थी. उनका दावा है कि शुभम की शादी नवंबर 2026 में तय हुई थी, लेकिन दादी के निधन की वजह से इसे 2027 की होली तक टाल दिया गया था. पिता का आरोप है कि सीओ और श्रेया राय ने मिलकर उन्हें अंधेरे में रखा और चेक गोपनीय तरीके से गया में दिया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर श्रेया उनकी बहू होती, तो वह पति के श्राद्धकर्म से पहले पैसे लेकर अपने शहर वापस नहीं जातीं.
श्रेया राय ने दावा किया है कि उन्होंने फरवरी 2026 में शुभम कुमार से कोर्ट मैरिज की थी. उनके परिजनों का कहना है कि शुभम के माता-पिता को इस बारे में पता था. हाल ही में श्रेया ने शुभम के पिता को फोन कर गांव वालों की बातों में न आने की सलाह भी दी है. शुभम की सर्विस बुक में पत्नी और मां को 50-50 प्रतिशत नॉमिनी बनाया गया था.
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अमरेंद्र शर्मा ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से इस मामले में हस्तक्षेप करने और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है.