Bihar: गोपालगंज के कुचायकोट से जेडीयू विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय और उनके भाई सतीश पांडेय की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एक विशेष अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है, जिसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश तेज
Bihar: गोपालगंज के कुचायकोट से जेडीयू विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय और उनके भाई सतीश पांडेय की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एक विशेष अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है, जिसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी है। सोमवार सुबह पुलिस की कई टीमों ने विधायक के घर और अन्य ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वे हाथ नहीं लगे।
क्या है पूरा मामला और क्यों जारी हुआ वारंट?
यह पूरा विवाद 16 एकड़ जमीन को फर्जी कागजों के जरिए हड़पने और फायरिंग से जुड़ा है। सेमराव गांव के निवासी जितेंद्र राय ने 1 अप्रैल को इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। कोर्ट ने सबूतों के आधार पर विधायक पप्पू पांडेय, उनके भाई सतीश पांडेय और चार्टर्ड अकाउंटेंट राहुल तिवारी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। पुलिस इस मामले में पहले ही चार अन्य लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
पुलिस ने छापेमारी के दौरान कहां-कहां की तलाशी?
गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी के नेतृत्व में पांच थानों की पुलिस टीमों ने सोमवार सुबह छापेमारी की। पुलिस ने इन जगहों पर गहन तलाशी ली:
- विधायक का पैतृक आवास
- उनका निजी आवास
- उनका पेट्रोल पंप
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिले में माफिया तंत्र और अपराध के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। पप्पू पांडेय चार बार विधायक रह चुके हैं और उन पर हत्या, रंगदारी और अपहरण जैसे कई गंभीर केस पहले से दर्ज हैं।
सियासी गलियारों में क्यों है हड़कंप?
पप्पू पांडेय को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का करीबी माना जाता है, इसलिए इस कार्रवाई के बाद जिले की राजनीति में हलचल मच गई है। कुछ लोग इसे राज्य में बदलते सियासी मिजाज और बाहुबलियों पर नकेल कसने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। फिलहाल विधायक और उनके भाई फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।