Bihar : जमुई जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ एक 102 एम्बुलेंस का तेल बीच रास्ते में खत्म हो गया, जिससे भीषण गर्मी में तड़पकर एक बुजुर्ग मरीज की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि कंपनी और
Bihar : जमुई जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ एक 102 एम्बुलेंस का तेल बीच रास्ते में खत्म हो गया, जिससे भीषण गर्मी में तड़पकर एक बुजुर्ग मरीज की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि कंपनी और ड्राइवर की लापरवाही की वजह से उनके परिवार ने अपना सदस्य खोया है।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुई मौत
झझा ब्लॉक के बाबूबैंक गांव के रहने वाले 75 वर्षीय धीरज रविदास को सिर में ब्लड क्लॉट की शिकायत थी। उन्हें Jamui Sadar Hospital से बेहतर इलाज के लिए पटना भेजा गया था। 23 अप्रैल 2026 को दोपहर 1:11 बजे एम्बुलेंस नंबर 6631 जमुई से निकली थी। करीब 25 किलोमीटर चलने के बाद सिकंदरा-शेखपुरा मुख्य रोड पर मटसी गांव के पास एम्बुलेंस का तेल खत्म हो गया। 42-43 डिग्री की भीषण गर्मी में AC और मेडिकल उपकरण बंद हो गए और मरीज करीब दो घंटे तक तड़पते रहे, जिसके बाद दोपहर 3:31 बजे उनकी मौत हो गई।
परिजनों के आरोप और कंपनी का जवाब
मृतक के बेटे अजीत रविदास का कहना है कि ड्राइवर ने सिकंदरा में सिर्फ 100 रुपये का तेल डलवाया था, जो जल्दी खत्म हो गया। परिजनों ने तेल के पैसे देने की पेशकश भी की थी, लेकिन ड्राइवर ने टालमटोल किया। दूसरी तरफ, Gen Plus कंपनी के जिला क्लस्टर लीडर नीतीश कुमार ने इसे एक इत्तेफाक बताया। उनका कहना है कि ड्राइवर के पास Bharat Petroleum का कार्ड था, लेकिन संबंधित पेट्रोल पंप पर तेल उपलब्ध नहीं था।
प्रशासनिक कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
इस घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने शुक्रवार सुबह झझा अस्पताल में विरोध प्रदर्शन किया और इसे लापरवाही नहीं बल्कि हत्या करार दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने Gen Plus कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने कहा है कि मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई होगी। परिजन अब SP, DM और सिविल सर्जन से शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में हैं।