Bihar: पटना के मशहूर इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) ने एमबीबीएस द्वितीय प्रोफेशनल की सप्लीमेंट्री परीक्षा को रद्द कर दिया है। यह परीक्षा दिसंबर 2025 में आयोजित की गई थी, लेकिन अब जांच के बाद इसे अमान्य घोषित क
Bihar: पटना के मशहूर इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) ने एमबीबीएस द्वितीय प्रोफेशनल की सप्लीमेंट्री परीक्षा को रद्द कर दिया है। यह परीक्षा दिसंबर 2025 में आयोजित की गई थी, लेकिन अब जांच के बाद इसे अमान्य घोषित किया गया है। संस्थान ने यह कड़ा कदम परीक्षा के संचालन में हुई बड़ी गड़बड़ियों और कदाचार की पुष्टि होने के बाद उठाया है।
परीक्षा रद्द करने की असली वजह क्या थी?
संस्थान को मिली एक गुमनाम शिकायत के बाद आंतरिक जांच शुरू की गई थी। जांच में पाया गया कि परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र लीक हुए थे और उत्तर पुस्तिकाओं में भी हेरफेर किया गया था। डीन (अकादमिक) डॉ. ओम कुमार की अध्यक्षता वाली समिति और डॉ. संजय कुमार की समिति ने इन अनियमितताओं की पुष्टि की, जिसके बाद सोमवार, 28 अप्रैल 2026 को परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया।
किन लोगों पर गिरी गाज और क्या हुई कार्रवाई?
इस मामले में संस्थान ने सख्त रुख अपनाया है। परीक्षा अनुभाग से जुड़े कर्मचारियों और कुछ छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। संस्थान के उप निदेशक डॉ. विभूति पी. सिन्हा ने बताया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। परीक्षा विभाग में बड़े बदलाव किए गए हैं और डॉ. अंजू सिंह, डॉ. विनोद कुमार और डॉ. सरिता/संगीता मिश्रा को सब-डीन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इसमें एक आउटसोर्स कर्मचारी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है।
अब दोबारा परीक्षा कब होगी?
रद्द की गई परीक्षा में करीब 130 छात्र शामिल हुए थे। संस्थान अब दोबारा निष्पक्ष तरीके से परीक्षा कराने की तैयारी कर रहा है। उम्मीद है कि मई 2026 के दूसरे या तीसरे हफ्ते तक नया शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा। छात्रों को तैयारी के लिए कम से कम तीन हफ्ते का समय दिया जाएगा ताकि वे ईमानदारी से परीक्षा दे सकें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
IGIMS ने MBBS सप्लीमेंट्री परीक्षा क्यों रद्द की?
आंतरिक जांच समिति को परीक्षा में धांधली, प्रश्न पत्र लीक होने और उत्तर पुस्तिकाओं में हेरफेर के सबूत मिले थे, इसलिए दिसंबर 2025 की परीक्षा रद्द की गई।
दोबारा परीक्षा कब आयोजित की जाएगी?
संस्थान मई 2026 के दूसरे या तीसरे सप्ताह में नया कार्यक्रम घोषित कर सकता है, जिसमें छात्रों को 3 हफ्ते का समय मिलेगा।