Bihar के हिलसा निबंधन कार्यालय में शुरू हुई पेपरलेस रजिस्ट्री, जमीन की खरीद-बिक्री पूरी तरह ठप

Bihar/Nalanda: हिलसा निबंधन कार्यालय में जमीन की रजिस्ट्री को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए बिहार निबंधन नियमावली 2026 के तहत पेपरलेस प्रक्रिया शुरू की गई है। 3 अगस्त 2026 से लागू हुई इस नई व्यवस्था का मकसद कागजी कार्रवा

Bihar/Nalanda: हिलसा निबंधन कार्यालय में जमीन की रजिस्ट्री को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए बिहार निबंधन नियमावली 2026 के तहत पेपरलेस प्रक्रिया शुरू की गई है। 3 अगस्त 2026 से लागू हुई इस नई व्यवस्था का मकसद कागजी कार्रवाई को खत्म कर डिजिटल सिस्टम लाना है। हालांकि, इस बदलाव के बाद से आम लोगों और खरीदारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद हिलसा और बिहारशरीफ समेत कई निबंधन कार्यालयों में जमीन की खरीद-बिक्री बुरी तरह प्रभावित हुई है। 3 अगस्त को जब यह सिस्टम शुरू हुआ, तब पहले दिन कोई ऑनलाइन पंजीकरण नहीं हुआ और लोग सिर्फ जानकारी लेकर लौट गए। 6 अगस्त तक की स्थिति यह रही कि अधिकांश खरीदार बिना रजिस्ट्री कराए ही वापस लौट रहे हैं, जिससे रजिस्ट्री का काम लगभग ठप हो गया है। 8 अगस्त को जिला निबंधन कार्यालय में केवल एक मौरगेज (बंधक) का निबंधन हुआ, लेकिन उसके बाद शुक्रवार और शनिवार को कोई रजिस्ट्री नहीं हुई।

बिहार निबंधन नियमावली 2026 के तहत अब पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिसमें ई-फाइलिंग, ई-साइन और बायोमेट्रिक सत्यापन शामिल है। सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों (80 वर्ष या उससे अधिक) के लिए विशेष सुविधा दी है, जिसके तहत उन्हें कार्यालय आने की जरूरत नहीं होगी और रजिस्ट्री उनके घर पर ही की जाएगी। इस सिस्टम में ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग और ई-स्टांप कोड की सुविधा भी दी गई है।

रजिस्ट्री के लिए अनिवार्य 13 जानकारियां
निबंधन कार्यालय का नाम, अंचल, मौजा, थाना, खाता संख्या, खेसरा, भूमि का रकबा, चौहद्दी, जमाबंदी, जमाबंदी धारक का नाम, क्रेता-विक्रेता का नाम और भूमि का प्रकार।

इस नई व्यवस्था से वसीका नवीस संघ (डीड राइटर्स) सबसे ज्यादा परेशान हैं। संघ के अध्यक्ष विजय सिंह ने बताया कि काम पूरी तरह रुकने से उनकी आजीविका पर बुरा असर पड़ा है और उन्होंने पुरानी प्रक्रिया बहाल करने की मांग की है। वहीं, जिला अवर निबंधक अजय कुमार झा का कहना है कि किसी भी नई शुरुआत को अपनाने में समय लगता है और जल्द ही यह प्रक्रिया रफ्तार पकड़ लेगी। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस पूरी व्यवस्था को जालसाजी रोकने और समय बचाने के लिए लागू किया है।