Bihar: राज्य में सड़क नेटवर्क और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए छह बड़ी योजनाएं तैयार की गई हैं। इन प्रोजेक्ट्स पर करीब 42,842 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, लेकिन पिछले 4 से 6 महीनों से ये केंद्रीय कैबिनेट की मं
Bihar: राज्य में सड़क नेटवर्क और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए छह बड़ी योजनाएं तैयार की गई हैं। इन प्रोजेक्ट्स पर करीब 42,842 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, लेकिन पिछले 4 से 6 महीनों से ये केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के इंतजार में हैं। केंद्र से हरी झंडी मिलने के बाद ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी होगी और निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
कौन से हैं वो बड़े प्रोजेक्ट जो अटके हुए हैं?
इन लंबित परियोजनाओं में पटना का सरिस्ताबाद-दीदारगंज 17 किलोमीटर लंबा 6-लेन एलिवेटेड रोड शामिल है, जिससे शहर के जाम से राहत मिलेगी। खगड़िया-पूर्णिया के बीच 144 किलोमीटर लंबा 4-लेन हाईवे बनेगा जिस पर 4000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी के सोनबरसा तक 90 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण होगा, जिससे नेपाल बॉर्डर और पुनौराधाम जानकी मंदिर तक पहुंच आसान हो जाएगी।
एक्सप्रेसवे और बड़े पुलों की क्या है स्थिति?
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे एक बड़ी परियोजना है, जो 244.96 किलोमीटर लंबा होगा और इस पर करीब 31,987 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। गंडक नदी पर बेतिया-सेवरही घाट पुल और वाराणसी-रांची-कोलकाता ग्रीनफील्ड कॉरिडोर भी इस लिस्ट में हैं। इस कॉरिडोर का हिस्सा कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया जिलों से गुजरेगा, जिसमें सोन नदी पर एक पुल का निर्माण भी शामिल है।
सड़क निर्माण की वर्तमान रफ्तार और अधिकारियों के निर्देश
बिहार के पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने हाल ही में अररिया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज में प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि NOC न मिलने से काम धीमा हो रहा है और समय पर काम न करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। वहीं, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने लखीसराय में अधूरे सड़क कार्यों पर नाराजगी जताई और बड़हिया से खुटहा तक के काम को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। दूसरी तरफ, राम-जानकी पथ के लिए 49 गांवों में जमीन अधिग्रहण का काम तेजी से चल रहा है।
| परियोजना का नाम |
लंबाई/विवरण |
अनुमानित लागत |
| पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे |
244.96 किमी |
31,987 करोड़ |
| खगड़िया-पूर्णिया हाईवे |
144 किमी |
4,000 करोड़ |
| मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा |
90 किमी |
2,200 करोड़+ |
| वाराणसी-रांची-कोलकाता कॉरिडोर |
41.955 किमी (बिहार हिस्सा) |
2,897.16 करोड़ |
| सरिस्ताबाद-दीदारगंज रोड |
17 किमी (एलिवेटेड) |
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Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार की कौन सी बड़ी सड़क परियोजनाएं केंद्र की मंजूरी का इंतजार कर रही हैं?
इसमें पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे, खगड़िया-पूर्णिया 4-लेन हाईवे, मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा सड़क, सरिस्ताबाद-दीदारगंज एलिवेटेड रोड और वाराणसी-रांची-कोलकाता कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
राम-जानकी पथ फोरलेन से क्या फायदा होगा?
यह फोरलेन अयोध्या से सीतामढ़ी (पुनौरा धाम) तक की यात्रा को आसान बनाएगा। इसके निर्माण के लिए 49 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है और यह विराट रामायण मंदिर से होकर गुजरेगा।