Bihar: हाजीपुर नगर परिषद के अकाउंटेंट मनीष कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने गुरुवार, 11 जून 2026 को उनके घर और दफ्तर पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के बाद नगर पर
Bihar: हाजीपुर नगर परिषद के अकाउंटेंट मनीष कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने गुरुवार, 11 जून 2026 को उनके घर और दफ्तर पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के बाद नगर परिषद कार्यालय में हड़कंप मच गया है और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है।
मनीष कुमार पर क्या आरोप लगे हैं और कितनी संपत्ति मिली
EOU ने जांच में पाया कि मनीष कुमार ने अपनी आय से कहीं ज्यादा संपत्ति बनाई है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच के दौरान पाया गया कि उन्होंने 2,02,31,500 रुपये की बेहिसाब संपत्ति जमा की है, जो उनकी सरकारी कमाई से करीब 208.57% अधिक है।
छापेमारी कहां-कहां हुई और अब क्या स्थिति है
EOU की अलग-अलग टीमों ने हाजीपुर के बागमली स्थित मनीष कुमार के निवास और नगर परिषद कार्यालय के आवास पर तलाशी ली। यह पूरी कार्रवाई मुजफ्फरपुर की विशेष न्यायालय (निगरानी) से मिले वारंट के बाद की गई। फिलहाल मनीष कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है और तलाशी का काम अभी जारी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हाजीपुर नगर परिषद के अकाउंटेंट पर कितनी संपत्ति होने का आरोप है
मनीष कुमार पर 2,02,31,500 रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है, जो उनकी ज्ञात आय से 208.57% ज्यादा है।
EOU ने किस कानून के तहत कार्रवाई की है
आर्थिक अपराध इकाई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की है।