Bihar: वैशाली जिले के हाजीपुर में ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत एक बहुत पुरानी और ऐतिहासिक पांडुलिपि मिली है। यह दस्तावेज 1911 के दिल्ली दरबार से जुड़ा है और बाबू लंगट सिंह को शिक्षा के क्षेत्र में मिले सम्मान स
Bihar: वैशाली जिले के हाजीपुर में ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत एक बहुत पुरानी और ऐतिहासिक पांडुलिपि मिली है। यह दस्तावेज 1911 के दिल्ली दरबार से जुड़ा है और बाबू लंगट सिंह को शिक्षा के क्षेत्र में मिले सम्मान से संबंधित है। इस खोज के बाद जिला प्रशासन अब इसे सुरक्षित रखने की तैयारी में जुट गया है।
क्या है यह ऐतिहासिक पांडुलिपि और कहाँ मिली
यह खास दस्तावेज हाजीपुर के धरहरा स्टेट में मिला है। इसमें 11 दिसंबर 1911 को बाबू लंगट सिंह को शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए दिए गए सम्मान का जिक्र है। बाबू लंगट सिंह बिहार के एक जाने-माने शिक्षाविद और समाज सेवक थे। ज्ञान भारतम् मिशन के जरिए इस पुरानी विरासत को खोज निकाला गया है।
DM ने संरक्षण और डिजिटलीकरण के लिए क्या कहा
वैशाली के District Magistrate (DM) ने खुद मौके पर जाकर स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस पांडुलिपि का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण किया जाए और इसे डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जाए। साथ ही DM ने आम लोगों से अपील की है कि अगर उनके पास कोई पुरानी पांडुलिपि या ऐतिहासिक दस्तावेज हैं, तो उसकी जानकारी प्रशासन को दें ताकि उन्हें सुरक्षित रखा जा सके।
क्या है ज्ञान भारतम् मिशन और इसका बजट
ज्ञान भारतम् मिशन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की एक बड़ी पहल है, जिसकी घोषणा बजट 2025-26 में की गई थी। इस मिशन का मकसद देश भर की पुरानी पांडुलिपियों का सर्वे करना, उन्हें सहेजना और डिजिटल बनाना है। सरकार ने 2025 से 2031 तक के लिए इस मिशन के लिए 491.66 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। अब तक देशभर से करीब 12.97 लाख पांडुलिपियों की जानकारी मिली है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ज्ञान भारतम् मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य भारत की प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वे करना, उनका संरक्षण करना और उन्हें डिजिटल बनाकर आम लोगों के लिए उपलब्ध कराना है। इसके लिए संस्कृति मंत्रालय ने 491.66 करोड़ रुपये का बजट रखा है।
हाजीपुर में मिली पांडुलिपि का संबंध किससे है?
यह पांडुलिपि 1911 के दिल्ली दरबार से जुड़ी है और इसमें शिक्षा के क्षेत्र में बाबू लंगट सिंह को मिले सम्मान का विवरण दर्ज है।