Bihar में भूमिहीन परिवारों को मिलेगी जमीन, 10 हजार परिवारों को मिलेंगे 3 डिसमिल के प्लॉट
Bihar: बिहार सरकार राज्य के भूमिहीन परिवारों के लिए एक बड़ी योजना लेकर आई है। सरकार 15 जून से 21 जून 2026 के बीच करीब 8,000 से 10,000 पात्र परिवारों को रहने के लिए तीन डिसमिल (लगभग 1,306.8 वर्ग फुट) जमीन देगी। इस अभियान
Bihar: बिहार सरकार राज्य के भूमिहीन परिवारों के लिए एक बड़ी योजना लेकर आई है। सरकार 15 जून से 21 जून 2026 के बीच करीब 8,000 से 10,000 पात्र परिवारों को रहने के लिए तीन डिसमिल (लगभग 1,306.8 वर्ग फुट) जमीन देगी। इस अभियान के तहत लाभार्थियों को जमीन के सेटलमेंट सर्टिफिकेट बांटे जाएंगे।
इन परिवारों की पहचान ‘बसेरा-2’ प्रोजेक्ट के तहत पिछले डेढ़ साल में की गई थी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने बताया कि पहले चरण में इन परिवारों को जमीन दी जा रही है और आगे भी और भूमिहीन परिवारों की पहचान की जाएगी। खास बात यह है कि जिन्हें जमीन मिलेगी, वे प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत घर बनाने के लिए सरकारी मदद पाने के हकदार होंगे।
जमीन वितरण के साथ-साथ सरकार जमीन से जुड़े पुराने विवादों को सुलझाने में भी जुटी है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जयसवाल ने बताया कि 11 से 17 जून 2026 तक एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसका मकसद 46 लाख लंबित जमीन आवेदनों का निपटारा करना था। इसमें जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल करने, सुधार करने और म्यूटेशन के काम पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने ‘बिहार रयौती लैंड परचेज पॉलिसी 2026’ और ‘बिहार स्पेशल सर्वे एंड सेटलमेंट (संशोधन) नियम 2026’ को मंजूरी दी है। इससे जमीन अधिग्रहण और सर्वे के काम में पारदर्शिता आएगी। साथ ही, लोगों की सुविधा के लिए राज्यव्यापी जमीन सर्वे की समय सीमा बढ़ाकर जुलाई 2026 कर दी गई है।
प्रशासन भ्रष्टाचार पर भी सख्त नजर रख रहा है। हाल ही में राजस्व विभाग ने गड़बड़ी करने वाले करीब 50 राजस्व अधिकारियों को निलंबित किया है और उन पर जुर्माना लगाया है। जमीन से जुड़े कामों को तेज करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट, सेटलमेंट ऑफिसर और अंचल अधिकारियों को निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई है।